
बिना आधार कार्ड की अनिवार्यता के बुकिंग सुविधा का दावा, विद्यार्थियों, छोटे परिवारों और कम खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी बताया गया
रीवा। घरेलू गैस उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने रीवा क्षेत्र में 10 किलोग्राम क्षमता वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) एक्स्ट्रा लाइफ सिलेंडर की सुविधा शुरू की है। कंपनी की ओर से इसे विशेष रूप से ऐसे उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी बताया गया है, जिनके यहां एलपीजी की खपत अपेक्षाकृत कम रहती है।रीवा में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के रीवा वितरण क्षेत्र के डिप्टी मैनेजर अर्जित घोष मौजूद रहे। कार्यक्रम में कृष्णा मिश्रा, राजेंद्र कुमार बंसल, मनीष मंसवानी, संजय अग्रवाल और विजय श्रीवास्तव सहित जिले की इंडियन ऑयल गैस एजेंसियों के संचालकों ने भी सहभागिता की।कंपनी के अनुसार 10 किलो क्षमता वाला यह सिलेंडर सामान्य बड़े सिलेंडर की तुलना में हल्का होने के कारण उन परिवारों और उपभोक्ताओं के लिए सुविधाजनक है, जिनकी गैस की आवश्यकता सीमित है। छोटे परिवार, विद्यार्थी, बुजुर्ग तथा कम एलपीजी खपत वाले उपभोक्ताओं को इसके प्रमुख संभावित लाभार्थियों के रूप में बताया गया है।इस सुविधा की एक प्रमुख विशेषता के तौर पर आधार कार्ड की अनिवार्यता के बिना बुकिंग की व्यवस्था बताई गई है। इससे उपभोक्ताओं को दस्तावेजी प्रक्रिया में अपेक्षाकृत कम औपचारिकताओं के साथ सिलेंडर उपलब्ध कराने का दावा किया गया है।
रीवा की इन एजेंसियों में शुरू हुई बुकिंग
रीवा जिले में इस 10 किलोग्राम एफटीएल एक्स्ट्रा लाइफ सिलेंडर की बुकिंग और वितरण प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है। फिलहाल रीवा गैस एजेंसी, पवार एंटरप्राइजेज, पॉपुलर गैस सर्विस और बिछिया इंडियन गैस में इसकी बुकिंग उपलब्ध कराए जाने की बात कही गई है।उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार संबंधित इंडियन ऑयल एजेंसी से संपर्क कर इस छोटे आकार के एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता, बुकिंग, कीमत और अन्य लागू शर्तों की जानकारी ले सकते हैं।इंडियन ऑयल की इस पहल को खासतौर पर उन उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी विकल्प के तौर पर पेश किया गया है, जिनके घरों में नियमित रूप से कम मात्रा में एलपीजी की आवश्यकता होती है। छोटे आकार और अपेक्षाकृत आसान हैंडलिंग के चलते यह सिलेंडर ऐसे उपभोक्ताओं के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराता है।रीवा में सुविधा शुरू होने के साथ अब उपभोक्ताओं की निगाहें इसकी कीमत, उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर रहेंगी।
