समय पर काम नहीं किया तो कलेक्टर ने कसा शिकंजा, 6 अधिकारियों पर जुर्माना; लोक सेवा गारंटी के लंबित आवेदनों पर सख्त कार्रवाई

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रीवा। सरकारी दफ्तरों में आम लोगों के काम तय समय सीमा में हों, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है। इसी कड़ी में रीवा कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत दर्ज आवेदनों का समय सीमा में निराकरण नहीं करने वाले छह अधिकारियों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की है। अलग-अलग आदेश जारी कर की गई इस कार्रवाई को समय सीमा में सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

तीन नायब तहसीलदारों पर जुर्माना

कलेक्टर के आदेश के मुताबिक नायब तहसीलदार सिरमौर वृत्त बैकुण्ठपुर तेजपति सिंह, नायब तहसीलदार मनगवां वृत्त गढ़ अजय मिश्रा तथा नायब तहसीलदार हुजूर वृत्त नौबस्ता राजीव शुक्ला पर ढाई-ढाई सौ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।इन अधिकारियों से जुड़े आवेदनों के समय सीमा में निराकरण नहीं होने पर कार्रवाई की गई है।

CMO और तहसीलदार पर भी कार्रवाई

इसी तरह मुख्य नगर पालिका अधिकारी सिरमौर नेहा शर्मा और तहसीलदार हुजूर वृत्त गोविंदगढ़ श्रीमती चंदन तिवारी पर 500-500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।वहीं नायब तहसीलदार सिरमौर वृत्त लालगांव पर 750 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

जुर्माना जमा कर चालान की प्रति भी देनी होगी

कलेक्टर ने संबंधित सभी अधिकारियों को केवल जुर्माना भरने तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि निर्देश दिया है कि जुर्माने की राशि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जमा कराई जाए और जमा किए गए चालान की एक प्रति कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत की जाए।

आम आदमी के काम में देरी पर प्रशासन का सीधा संदेश

लोक सेवा गारंटी अधिनियम का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सेवाएं निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध कराना है। ऐसे में किसी आवेदन के अनावश्यक रूप से लंबित रहने का सीधा असर आम आदमी पर पड़ता है। कई बार एक प्रमाण-पत्र, राजस्व संबंधी कार्य या अन्य सरकारी सेवा में देरी के कारण नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।कलेक्टर की ताजा कार्रवाई इसी व्यवस्था में जवाबदेही तय करने का स्पष्ट संदेश देती है। प्रशासनिक अधिकारियों के लिए यह संकेत भी है कि पोर्टल पर लंबित आवेदन केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि किसी नागरिक की जरूरत से जुड़ा मामला है और उसका समय पर निराकरण करना जिम्मेदारी है। रीवा प्रशासन की कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि लोक सेवा गारंटी के तहत निर्धारित समय सीमा की अनदेखी करना संबंधित अधिकारी के लिए भारी पड़ सकता है। सरकारी सेवा में देरी पर अब जवाबदेही तय होगी और नियमों के तहत आर्थिक दंड भी भुगतना पड़ेगा।

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