काम से घर लौट रही नाबालिग को कार में ले जाने का आरोप, कैंसर पहाड़िया की झाड़ियों में मिला शव; CCTV, मोबाइल चैट और मुखबिरों ने पहुंचाया पुलिस को आरोपियों तक
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक 16 वर्षीय छात्रा की हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। सुबह घर से काम के लिए निकली बेटी जब रात तक वापस नहीं लौटी तो परिवार की चिंता बढ़ गई। देर रात पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। लेकिन अगली सुबह जो खबर आई, उसने परिवार की दुनिया उजाड़ दी—नाबालिग का शव सड़क किनारे झाड़ियों में पड़ा मिला।गले पर कसने के निशान थे। घटनास्थल था ग्वालियर का कैंसर पहाड़िया क्षेत्र। मामला साधारण गुमशुदगी का नहीं, बल्कि हत्या का निकला। और पुलिस के अनुसार, जांच की सुई एक ऐसे युवक तक पहुंची, जो कथित तौर पर छात्रा पर शादी के लिए दबाव बना रहा था। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी ईशान खान और उसके साथी अरवाज खान को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है।
सुबह काम पर गई थी, रात में नहीं लौटी…
मृतका ग्वालियर के अवाडपुरा इलाके की रहने वाली बताई गई है और आठवीं कक्षा की छात्रा थी। परिवार की आर्थिक परिस्थितियों के कारण वह पढ़ाई के साथ नया बाजार स्थित एक साड़ी की दुकान पर काम भी करती थी।30 अगस्त की सुबह वह रोज की तरह घर से निकली थी। दिन बीत गया, शाम हो गई और फिर रात भी हो गई, लेकिन बेटी घर नहीं लौटी। परिजनों ने दुकान पर संपर्क किया तो जानकारी मिली कि वह वहां से पहले ही निकल चुकी थी।इसके बाद शुरू हुई तलाश—रिश्तेदारों के घर, आसपास के इलाके और संभावित ठिकाने खंगाले गए। आखिरकार देर रात परिजन कम्पू थाने पहुंचे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिवार ने उसी समय एक युवक पर संदेह भी जताया था।
अगली सुबह झाड़ियों में मिला शव, मच गई सनसनी
31 अगस्त की सुबह कैंसर पहाड़िया इलाके में राहगीरों ने सड़क किनारे झाड़ियों में एक युवती का शव देखा। सूचना मिलते ही कम्पू थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।शव पर मिले निशानों ने मामले को और गंभीर बना दिया। परिजनों को बुलाकर पहचान कराई गई तो शव उसी लापता नाबालिग छात्रा का निकला। एक रात पहले जिस बेटी को परिवार ढूंढ रहा था, अगली सुबह उसकी मौत की खबर सामने थी।शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और पुलिस ने हत्या की जांच तेज कर दी।
शादी के लिए दबाव बनाने का आरोप, इनकार के बाद बढ़ा विवाद
परिजनों का आरोप है कि मुख्य आरोपी छात्रा पर शादी के लिए दबाव बना रहा था, जबकि नाबालिग इसके लिए तैयार नहीं थी। परिवार के अनुसार, इसी बात को लेकर तनाव था और युवती को कथित तौर पर धमकियां भी दी जा रही थीं।यही वह बिंदु था जिसने पुलिस जांच को एक दिशा दी।पुलिस ने मोबाइल से जुड़े साक्ष्यों, बातचीत और अन्य डिजिटल जानकारी की जांच शुरू की। परिवार ने पुलिस को आरोपी से जुड़े मोबाइल और कथित बातचीत के रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराए। इसके बाद जांच की रफ्तार तेज हो गई।
CCTV और मुखबिरों ने खोला राज, 5 टीमें जांच में जुटीं
ग्वालियर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें गठित कीं। शहर के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई, मुखबिरों को सक्रिय किया गया और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी गई।पुलिस के मुताबिक, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की मदद से महलगांव क्षेत्र से दो आरोपियों तक पहुंचा गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी ईशान खान और उसके साथी अरवाज खान को गिरफ्तार किया।वारदात में इस्तेमाल होने के आरोप वाली बलेनो कार को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।
दुकान की रेकी से लेकर कैंसर पहाड़िया तक… पुलिस जांच में सामने आया घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक आरोपी एक परिचित से कार लेकर आए थे। इसके बाद छात्रा के काम करने वाली जगह और उसके आने-जाने के रास्ते पर नजर रखने का आरोप है।पुलिस के अनुसार, 30 अगस्त की रात छात्रा को KRG कॉलेज के आसपास से कार में ले जाया गया। इसके बाद उसे कैंसर पहाड़िया क्षेत्र ले जाने और वहां उसकी हत्या करने का आरोप है।वारदात के बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया और आरोपी वहां से निकल गए। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
12 घंटे में खुलासा, लेकिन सवाल बेहद बड़ा है…
ग्वालियर पुलिस ने भले ही महज 12 घंटे के भीतर हत्या के मामले का खुलासा करने का दावा किया हो, लेकिन इस घटना ने समाज के सामने एक बेहद गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है—क्या किसी लड़की का “नहीं” कहना उसकी जान लेने का कारण बन सकता है?एक 16 वर्षीय छात्रा, जो पढ़ाई के साथ परिवार की आर्थिक मदद करने के लिए दुकान पर काम कर रही थी, अब इस दुनिया में नहीं है। उसके परिवार के लिए वह सिर्फ एक छात्रा नहीं, बल्कि घर की बेटी और भविष्य की उम्मीद थी।शादी से इनकार के बाद हत्या के आरोप ने इस पूरे मामले को सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल में बदल दिया है।फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं, पूछताछ जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
