कहा—‘नशा आग है, जिसकी आंच अपने घर तक भी पहुंच सकती है’, ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने पर जोर
जयपुर/उदयपुर, 8 अगस्त 2026। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने शनिवार को उदयपुर में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में टीबी नियंत्रण, नशामुक्ति अभियान और स्कूली शिक्षा सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ-साथ आमजन में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।
खनन क्षेत्रों और कच्ची बस्तियों में टीबी सर्वे के निर्देश
राज्यपाल ने टीबी नियंत्रण को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्रों और सीमेंट फैक्ट्रियों में कार्यरत लोगों तथा उनसे जुड़े परिवारों का सर्वे करवाकर संभावित टीबी मरीजों की पहचान की जाए। इसके साथ ही शहर की कच्ची बस्तियों में भी विशेष सर्वे कराकर संभावित मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध करवाने पर जोर दिया।
नशामुक्ति अभियान को जन आंदोलन बनाने पर जोर
बैठक में राज्यपाल ने नशामुक्ति अभियान को जन आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को नशे से होने वाले सामाजिक और पारिवारिक दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने कहा, “नशा आग है, जिसकी आंच अपने घर तक भी पहुंच सकती है।” उन्होंने युवाओं और उनके परिवारों को नशे के नुकसान के प्रति जागरूक करने के साथ ही नशा छोड़ चुके लोगों का सम्मान करने और उनसे लगातार संपर्क बनाए रखने की बात कही, ताकि वे दोबारा नशे की ओर न लौटें।
सरकारी कार्यालयों को नशामुक्त बनाने के निर्देश
राज्यपाल ने राजकीय कार्यालयों में भी नशामुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी नशे से दूर रहें तथा सरकारी कार्यालय स्वयं समाज को नशामुक्ति का संदेश देने वाले आदर्श केंद्र बनें।
प्राथमिक शिक्षा की नींव मजबूत करने पर जोर
बैठक में राज्यपाल ने जिले में स्कूली शिक्षा की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा की नींव मजबूत होगी तो आगे की कक्षाओं और कॉलेज स्तर पर बेहतर गुणवत्ता वाले विद्यार्थी तैयार होंगे। राज्यपाल ने प्राथमिक स्तर पर बच्चों की बुनियादी समझ, सीखने की क्षमता और शैक्षणिक गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।
प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल विद्यार्थियों का रिकॉर्ड रखने के निर्देश
राज्यपाल ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का रिकॉर्ड संधारित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता की कहानियों को दूसरे विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाए, ताकि वे उनसे प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रोत्साहित हों।
राज्यपाल ने अधिकारियों से कहा कि टीबी नियंत्रण, नशामुक्ति और शिक्षा जैसे विषयों पर योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ जागरूकता गतिविधियों को भी प्रभावी बनाया जाए, जिससे सरकारी प्रयासों का व्यापक लाभ आमजन तक पहुंच सके।
