नई दिल्ली, 8 अगस्त। ई20 पेट्रोल में नमी और 500 पीपीएम तक क्लोराइड की मौजूदगी को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्टों के बीच तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने देशभर में ईंधन की गुणवत्ता की व्यापक जांच की है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, जांच में ई20 पेट्रोल में क्लोराइड की मात्रा निर्धारित मानकों के भीतर पाई गई है और 500 पीपीएम क्लोराइड की मौजूदगी के दावों की पुष्टि नहीं हुई है।
ओएमसी ने रिफाइनरी से लेकर डिस्टिलरी, डिपो, टर्मिनल और खुदरा पेट्रोल पंपों तक पूरी आपूर्ति श्रृंखला में ई20 पेट्रोल के नमूनों की जांच की। रिफाइनरियों से लिए गए 100 से अधिक पेट्रोल नमूनों में क्लोराइड की मात्रा 1 पीपीएम या उससे कम पाई गई।
80 डिस्टिलरियों से लिए गए नमूनों में भी क्लोराइड कम
मुख्य मिश्रण घटक एथेनॉल की गुणवत्ता की भी जांच की गई। ओएमसी और केंद्रीय हाइड्रोकार्बन एवं ऊर्जा से जुड़े विशेषज्ञों की टीम ने पिछले 10 दिनों में देशभर की 80 डिस्टिलरियों से एथेनॉल के नमूने लिए। सभी नमूनों में क्लोराइड की मात्रा 3 पीपीएम से कम पाई गई।
डिपो और टर्मिनलों से लिए गए 80 से अधिक नमूनों की जांच में भी एथेनॉल और ई20 में क्लोराइड की मात्रा निर्धारित सीमा के भीतर रही।
पेट्रोल पंपों पर 1,000 से अधिक नमूनों की निगरानी
खुदरा पेट्रोल पंपों पर भी ई20 की गुणवत्ता की गहन निगरानी की जा रही है। अब तक 1,000 से अधिक नमूनों के निगरानी कार्यक्रम के तहत 160 परीक्षण रिपोर्टों का विश्लेषण किया गया है। इनमें क्लोराइड की मात्रा 0 से 3 पीपीएम के बीच पाई गई।
जांच के दौरान केवल चार मामलों में क्लोराइड का स्तर बढ़ा हुआ मिला। इन मामलों में संबंधित प्रतिष्ठानों को तत्काल निलंबित कर दिया गया और आपूर्ति बहाल करने से पहले विस्तृत कारण विश्लेषण तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की गई।
करीब 90 हजार पेट्रोल पंपों पर पानी की जांच
ई20 पेट्रोल में नमी या पानी के प्रवेश की आशंकाओं को देखते हुए देशभर के करीब 90,000 खुदरा आउटलेटों पर भूमिगत भंडारण टैंकों की अनिवार्य निगरानी शुरू की गई है। इन टैंकों का प्रतिदिन 8 से 12 बार निरीक्षण किया जा रहा है। मंत्रालय के अनुसार, अब तक पानी के प्रवेश का कोई मामला सामने नहीं आया है।
आपूर्ति श्रृंखला पर बढ़ाई गई निगरानी
सरकार ने पेट्रोल में मिलाए जाने वाले एथेनॉल में क्लोराइड के लिए सख्त गुणवत्ता मानक निर्धारित किए हैं। रिफाइनरी, डिस्टिलरी, डिपो, टर्मिनल और खुदरा दुकानों सहित आपूर्ति श्रृंखला के विभिन्न चरणों पर क्लोराइड की निगरानी की जा रही है।
इसके अलावा मोबाइल ईंधन गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाओं को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है। परीक्षण परिणामों का स्वतंत्र ईंधन प्रयोगशालाओं से सत्यापन भी कराया जा रहा है।
ओएमसी ने उपभोक्ताओं को किया आश्वस्त
तेल विपणन कंपनियों ने कहा है कि ईंधन की गुणवत्ता उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आपूर्ति श्रृंखला में लगातार निगरानी की जा रही है और जहां भी किसी प्रकार की कमी सामने आती है, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाती है।
मंत्रालय के अनुसार, उपलब्ध जांच परिणामों के आधार पर ओएमसी नेटवर्क के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा ई20 पेट्रोल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है। इसलिए उपभोक्ताओं को ई20 पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
सीएचटी की आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षणों का सारणीबद्ध विवरण उपलब्ध कराया गया है और नए परीक्षण परिणाम आने के साथ इसे अपडेट किया जाएगा।
