राष्ट्रीय सुरक्षा और बदलती चुनौतियों पर पांच दिन चला मंथन

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नई दिल्ली। एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय और सेंटर फॉर जॉइंट वारफेयर स्टडीज इंडिया की ओर से आयोजित पांच दिवसीय संयुक्त संचालन समीक्षा एवं मूल्यांकन कार्यक्रम-2026 का नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में समापन हुआ। कार्यक्रम में थल सेना, नौसेना और वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केंद्र सरकार के प्रमुख मंत्रालयों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संस्थानों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

पांच दिनों तक चले कार्यक्रम में देश की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बदलती परिस्थितियों में देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने, तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने तथा अलग-अलग सरकारी विभागों के बीच मिलकर काम करने के तरीकों पर विचार किया।

बैठक में नई तकनीक, युद्ध के बदलते तरीके, लोगों की सोच और सूचना पर पड़ने वाले प्रभाव, समाचार एवं संचार माध्यमों की भूमिका तथा देश के सामने मौजूद सुरक्षा संबंधी चुनौतियों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने इस बात पर भी विचार किया कि तेजी से बदलती दुनिया में देश की सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह मजबूत और प्रभावी बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सेना और सरकार के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर सहयोग और आपसी समझ को बढ़ावा देना रहा। इसके लिए रक्षा बलों, प्रमुख मंत्रालयों और संबंधित संस्थानों के अधिकारियों को एक साझा मंच पर लाया गया। इससे अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को अपने अनुभव साझा करने और एक-दूसरे के काम को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला।

कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि आज देश की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां केवल सीमा पर होने वाले पारंपरिक युद्ध तक सीमित नहीं हैं। नई तकनीक, इंटरनेट, सूचना के तेजी से प्रसार और बदलते अंतरराष्ट्रीय माहौल ने सुरक्षा के क्षेत्र में नई परिस्थितियां पैदा की हैं। ऐसे में सभी संबंधित विभागों और संस्थानों के बीच समय पर जानकारी साझा करना और मिलकर काम करना आवश्यक है।

आयोजकों के अनुसार, पांच दिवसीय कार्यक्रम ने रक्षा सेवाओं और नागरिक संस्थानों के बीच तालमेल और सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर साझा समझ विकसित करने और भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तैयारी की दिशा में संवाद को आगे बढ़ाने का अवसर मिला।

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