अजमेर। राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के बीच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अजमेर में बड़ी कार्रवाई करते हुए (अजमेर डिस्कॉम) के एक अधीक्षण अभियंता को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आरोपी अधिकारी ने एक ठेकेदार से कार्य से संबंधित बिलों के भुगतान और आवश्यक स्वीकृति जारी करने के बदले घूस की मांग की थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ठेकेदार ने रिश्वत की मांग से परेशान होकर एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। ब्यूरो ने प्रारंभिक सत्यापन के बाद शिकायत को सही पाया और ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को केमिकल लगे नोट दिए गए और जैसे ही आरोपी अधीक्षण अभियंता ने 50 हजार रुपये स्वीकार किए, एसीबी टीम ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया। बाद में रासायनिक परीक्षण में आरोपी के हाथों पर केमिकल के निशान मिलने की पुष्टि हुई, जो रिश्वत लेने का प्रमाण माना जाता है।
एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी से पूछताछ जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि इस प्रकरण में अन्य कोई अधिकारी या कर्मचारी तो शामिल नहीं है। कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर निलंबन और अनुशासनात्मक कदम उठाए जाने की संभावना है।
राज्य में हाल के दिनों में एसीबी की लगातार ट्रैप कार्रवाइयों से सरकारी विभागों में सतर्कता बढ़ी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की सख्त कार्रवाई से प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलेगी।
