ए आई कौशल में 4.96 लाख शिक्षार्थियों ने कराया पंजीकरण, 25,466 उम्मीदवार प्रमाणित

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नई दिल्ली। भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों का दायरा तेजी से बढ़ाया है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद (NCVET), प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) तथा प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) 4.0 के माध्यम से एआई आधारित प्रशिक्षण को व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने की पहल की है।

मंत्रालय की ओर से लोकसभा में 10 अगस्त 2026 को दी गई जानकारी के अनुसार, NCVET के विनियमित इकोसिस्टम में एआई और मशीन लर्निंग से जुड़ी 116 NSQF-संरेखित और NSQC-अनुमोदित योग्यताएं, राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक तथा माइक्रो-क्रेडेंशियल उपलब्ध हैं। इनमें जनरेटिव एआई, एजेंटिक एआई, लार्ज लैंग्वेज मॉडल, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, कंप्यूटर विजन, रोबोटिक्स, एआई सुरक्षा और एआई एथिक्स जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

सबसे बड़ी उपलब्धि स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस (SOAR) कार्यक्रम में दिखाई देती है। 22 जुलाई 2026 तक स्किल इंडिया डिजिटल हब पर SOAR पाठ्यक्रमों के लिए 4,96,426 शिक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया, जबकि 98,576 शिक्षार्थी प्रमाणित हो चुके हैं।

वहीं PMKVY 4.0 के तहत 30 जून 2026 तक 53,449 उम्मीदवारों को एआई संबंधी जॉब रोल्स में प्रशिक्षित/अभिविन्यस्त किया गया, जिनमें से 25,466 उम्मीदवार प्रमाणित हुए।

सरकार ने ITI और NSTI में भी एआई प्रशिक्षण को शामिल किया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रोग्रामिंग सहायक का एक वर्षीय पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। 2025-26 में यह पाठ्यक्रम 23 NSTI में 600 सीटों के साथ संचालित किया गया।

मंत्रालय के अनुसार, इन पहलों का उद्देश्य युवाओं को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करना और एआई आधारित रोजगार के लिए उद्योग-संरेखित कौशल उपलब्ध कराना है।

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