38 किलोमीटर लंबा टू-लेन मार्ग होगा तैयार, टमस नदी पर बनेगा मेजर ब्रिज; भूमि अधिग्रहण के बाद मुआवजे की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी
रीवा। सिरमौर से डभौरा के बीच वर्षों से जर्जर सड़क और बरदहा घाटी के खतरनाक मोड़ों से जूझ रहे राहगीरों के लिए सड़क परियोजना के रूप में बड़ी राहत सामने आई है। करीब 190 करोड़ रुपये की लागत से सिरमौर-डभौरा मार्ग का कायाकल्प किया जाएगा। प्रस्तावित निर्माण में बरदहा घाटी के दुर्घटना संभावित मोड़ों को हटाकर अपेक्षाकृत सीधा मार्ग विकसित करने की योजना है।राष्ट्रीय राजमार्ग-135बी के इस हिस्से को दो लेन स्वरूप में विकसित किया जाएगा। सिरमौर से डभौरा के बीच लगभग 38 किलोमीटर सड़क का निर्माण टू-लेन विद पेव्ड शोल्डर मानकों के अनुरूप होगा। मुख्य कैरिजवे की चौड़ाई सात मीटर रहेगी, जबकि दोनों ओर डेढ़-डेढ़ मीटर के पक्के शोल्डर बनाए जाएंगे। इस तरह सड़क की कुल चौड़ाई करीब 10 मीटर होगी।परियोजना का सबसे अहम हिस्सा बरदहा घाटी माना जा रहा है। घाटी में मौजूद चार खतरनाक मोड़ों को निर्माण के दौरान समाप्त किए जाने की योजना है। इससे इस हिस्से में वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम होने के साथ दुर्घटना की आशंका कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
टमस नदी पर बनेगा बड़ा पुल
सड़क परियोजना के दायरे में पटेहरा के पास टमस नदी पर मेजर ब्रिज का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके साथ ही मार्ग में जरूरत के अनुसार कई छोटे पुल और पुलियों का निर्माण किया जाएगा। इससे बरसात के दौरान जल निकासी और आवागमन से जुड़ी परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी।
निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया जारी
सिरमौर-डभौरा सड़क के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया में 16 एजेंसियों ने भाग लिया है। तकनीकी निविदा खोली जा चुकी है, जबकि वित्तीय निविदा अगले माह खोले जाने की प्रक्रिया प्रस्तावित है। वित्तीय बोली के परीक्षण और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा।चयनित एजेंसी को परियोजना का काम पूरा करने के लिए दो वर्ष की अवधि दिए जाने की बात सामने आई है।
19.85 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण
परियोजना के लिए निजी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है। संबंधित किसानों की भूमि का अवार्ड पत्रक तैयार किया जा चुका है। इसके बाद प्रभावित भू-स्वामियों को मुआवजा वितरित किए जाने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।परियोजना से जुड़ी जानकारी के अनुसार करीब 19.85 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। परियोजना की कुल अनुमानित लागत में भूमि अधिग्रहण और किसानों को दिया जाने वाला मुआवजा भी शामिल है।
जर्जर सड़क से राहगीर परेशान
वर्तमान में सिरमौर से डभौरा के बीच सड़क की हालत कई स्थानों पर खराब बताई जा रही है। गड्ढों और खराब सतह के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए इस मार्ग पर सफर चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। बरदहा घाटी के मोड़ों के साथ सड़क की खराब स्थिति भी दुर्घटना के जोखिम को बढ़ाने वाली परिस्थितियों में शामिल है।नई परियोजना पूरी होने के बाद सिरमौर-डभौरा के बीच आवागमन की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। सड़क का चौड़ीकरण, खतरनाक मोड़ों का सुधार और टमस नदी पर नए पुल का निर्माण इस महत्वपूर्ण मार्ग को सुरक्षित एवं सुगम बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।

