हिन्दी दिवस पर डॉ. ओम प्रकाश मिश्र ‘व्यथित’ को साहित्य महोपाध्याय की मानद उपाधि से सम्मान

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साहित्यिक योगदान के लिए मिला सम्मान, विंध्य के साहित्यकारों और साहित्यप्रेमियों ने दी बधाई

रीवा। हिन्दी दिवस के अवसर पर हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग द्वारा आयोजित विशेष समारोह में विंध्य क्षेत्र के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. ओम प्रकाश मिश्र ‘व्यथित’ को साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘साहित्य महोपाध्याय’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान मिलने पर विंध्य के साहित्य जगत में हर्ष का माहौल है।समारोह में प्रयागराज हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जे.के. उपाध्याय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय के कुलपति शिशिर पाण्डेय ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के पूर्व कुलपति एवं पद्मश्री सम्मानित अभिराज राजेन्द्र मिश्र तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं राज्यसभा सांसद बृजलाल उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग के महामंत्री शेषमणि पाण्डेय ने किया। समारोह में हिन्दी भाषा और साहित्य की समृद्ध परंपरा, वर्तमान समय में हिन्दी के महत्व तथा साहित्यकारों के योगदान पर विचार रखे गए। साथ ही साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले रचनाकारों को सम्मानित करने की परंपरा को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

विंध्य की साहित्यिक परंपरा के लिए गौरव

. ओम प्रकाश मिश्र ‘व्यथित’ को प्रदान की गई साहित्य महोपाध्याय की मानद उपाधि को उनके साहित्यिक अवदान के लिए महत्वपूर्ण सम्मान माना जा रहा है। सम्मान की जानकारी सामने आने के बाद विंध्य क्षेत्र के रचनाकारों, साहित्यप्रेमियों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।बधाई देने वालों ने कहा कि डॉ. मिश्र को मिला यह सम्मान व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ विंध्य की साहित्यिक परंपरा और हिन्दी भाषा के प्रति क्षेत्र के योगदान का भी गौरव है।

इन लोगों ने दी बधाई

. ओम प्रकाश मिश्र ‘व्यथित’ को बधाई देने वालों में भक्त कवि अभिषेक द्विवेदी, आशीष तिवारी ‘निर्मल’ लालगांव, त्योथर ब्रह्म नारायण शर्मा (पूर्व अध्यक्ष, अधिवक्ता संघ त्योथर), अरूणेन्द्र तिवारी अधिवक्ता त्योथर, कृष्ण जी तिवारी अधिवक्ता त्योथर, श्याम बिहारी तिवारी (पूर्व कर्मचारी नेता), डॉ. अनिल तिवारी (पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष), राजकुमार मिश्र (उपाध्यक्ष नगर पंचायत त्योथर), सौरभ मिश्र (पूर्व उपाध्यक्ष जनपद पंचायत त्योथर), विकास खंड शिक्षा अधिकारी आई.डी. सिंह, श्रीलाल मिश्र, श्रीकृष्ण शुक्ल, रवि मिश्र ‘भोलू’, चन्द्रमणि प्रजापति, कामता प्रसाद तिवारी, राजेश तिवारी अधिवक्ता, डॉ. मंगलेश्वर सिंह चिल्ला, शारदा प्रसाद मिश्र शिक्षक, शिवप्रकाश मिश्र जनशिक्षक, मयंक मोहन मिश्र एलआईसी, मधुकर तिवारी शिक्षक, मोतीलाल मिश्र सेवानिवृत्त शिक्षक सहित अनेक साहित्यप्रेमी एवं शुभचिंतक शामिल रहे।समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि हिन्दी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि भारतीय साहित्य, संस्कृति और विचार परंपरा की मजबूत आधारशिला है।

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