
35 किलो मादक पदार्थ से जुड़े पुराने मामले को ‘मैनेज’ कराने के नाम पर रकम मांगने का आरोप; रिश्तेदार के खाते में करीब 4 लाख के संदिग्ध लेनदेन की जांच, मोबाइल-लैपटॉप और केस फाइलें जब्त
नीमच। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) से जुड़े एक अधिकारी के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्रवाई ने नीमच में खलबली मचा दी है। CBI की टीम ने CBN कॉलोनी स्थित अधिकारी सिद्धार्थ श्रीवास्तव के सरकारी आवास पर तलाशी ली और मामले से जुड़े दस्तावेजों तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अपने कब्जे में लिया। कार्रवाई का संबंध कथित तौर पर 50 लाख रुपये की रिश्वत के एक मामले से बताया जा रहा है, जिसमें नशीली दवाओं की जब्ती से जुड़े प्रकरण को प्रभावित करने या आरोपियों को राहत दिलाने के लिए रकम मांगे जाने का आरोप है।मामले की सबसे अहम कड़ी कथित ऑनलाइन लेनदेन को माना जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक जांच टीम को करीब 4 लाख रुपये के संदिग्ध डिजिटल लेनदेन का सुराग मिला है। बताया जा रहा है कि रकम सीधे अधिकारी के खाते में जमा होने के बजाय एक करीबी रिश्तेदार के खाते में भेजी गई। CBI इस लेनदेन की कड़ियां जोड़ने के साथ बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल भुगतान और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
सरकारी आवास से दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त
तलाशी के दौरान CBI टीम ने मामले से संबंधित दस्तावेज, केस फाइलें, मोबाइल फोन, लैपटॉप और डिजिटल लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए हैं। कार्रवाई के बाद अधिकारी को पूछताछ के लिए ले जाया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मेडिकल जांच के बाद CBI टीम उन्हें अपने साथ ले गई।
35 किलो मादक पदार्थ की जब्ती से जुड़ रहा कथित रिश्वत कनेक्शन
प्रारंभिक मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों के हवाले से सामने आए विवरण में इस कथित रिश्वत प्रकरण की कड़ी गंगाखेड़ी क्षेत्र में करीब एक वर्ष पहले हुई 35 किलो मादक पदार्थ की जब्ती से जोड़ी जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक आरोप है कि उक्त मामले को कमजोर करने अथवा आरोपियों को राहत दिलाने के नाम पर कथित रूप से रकम की मांग की गई थी।इसी मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि CBN की टीम ने कार्रवाई के बाद 8 से 10 संदिग्ध तस्करों के ठिकानों पर दबिश दी थी और केस को ‘मैनेज’ करने के नाम पर कथित रूप से बड़ी रकम की मांग या उगाही की गई। इसी कथित लेनदेन में 50 लाख रुपये की रकम शामिल होने की बात सामने आई है।हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में 35 किलो की जब्ती, कथित 2 करोड़ रुपये की उगाही और 50 लाख रुपये की कथित रिश्वत के बीच संबंध अभी जांच का विषय है। CBI की विस्तृत आधिकारिक जानकारी अथवा अदालत में प्रस्तुत दस्तावेज सामने आने के बाद ही इस कड़ी की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच की आंच आगे कहां तक पहुंचेगी?
CBI की कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा केवल एक अधिकारी तक सीमित रहेगा या इसमें अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों अथवा कथित बिचौलियों की भूमिका भी सामने आएगी, इस पर नजर है। डिजिटल लेनदेन और जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच से मामले में आगे नई कड़ियां सामने आने की संभावना है।फिलहाल महत्वपूर्ण बात यह है कि 50 लाख रुपये की रिश्वत का आरोप जांच के स्तर पर है। इसलिए इसे किसी व्यक्ति का अपराध सिद्ध होने के रूप में नहीं, बल्कि CBI की कार्रवाई और सामने आए आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मामले की अंतिम तस्वीर जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।नीमच में CBN अधिकारी के सरकारी आवास पर CBI की यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि जांच की कड़ियां कथित रिश्वत, मादक पदार्थ जब्ती और डिजिटल लेनदेन—तीनों को जोड़कर देखी जा रही हैं। अब निगाहें CBI की अगली कार्रवाई और आधिकारिक खुलासे पर टिकी हैं।
