विंध्य की आवाज अब मानवाधिकारों के मंच तक, वरिष्ठ पत्रकार सचिन शर्मा ‘सूर्या’ को मिली बड़ी जिम्मेदारी

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मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने रीवा के लिए बनाया ‘आयोग मित्र’; दशकों की जनसरोकार वाली पत्रकारिता को मिला सम्मान, आम आदमी की आवाज को आयोग तक पहुंचाने की जिम्मेदारी

भोपाल/रीवा। विंध्य की मिट्टी से निकलकर पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाले वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता पंडित सचिन शर्मा ‘सूर्या’ को मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग में रीवा के भौगोलिक क्षेत्र के लिए ‘आयोग मित्र’ मनोनीत किया गया है। आयोग के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. ए.पी. सिंह द्वारा सौंपी गई यह जिम्मेदारी सचिन शर्मा ‘सूर्या’ के लिए केवल एक नया दायित्व नहीं, बल्कि लंबे समय से जनहित में सक्रिय उनकी पत्रकारिता और सामाजिक सरोकारों को मिला महत्वपूर्ण सम्मान माना जा रहा है।नई जिम्मेदारी की जानकारी सामने आते ही विंध्य के पत्रकारिता जगत, सामाजिक क्षेत्र और उनके शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई। जिस पत्रकार ने वर्षों तक आम आदमी की परेशानियों को अपनी कलम की ताकत दी, अब उसी अनुभव के साथ उन्हें मानव अधिकारों से जुड़े मामलों में जनता और आयोग के बीच संवाद की महत्वपूर्ण कड़ी बनने का अवसर मिला है।

कलम से उठाई जनता की आवाज, अब अधिकारों के लिए निभाएंगे नई भूमिका

सचिन शर्मा ‘सूर्या’ की पत्रकारिता का केंद्र हमेशा आम आदमी और उसके सरोकार रहे हैं। गांव की चौपाल से लेकर प्रशासनिक कार्यालयों तक आम नागरिकों की समस्याओं को समझना, उन्हें सामने लाना और जिम्मेदार तंत्र का ध्यान उन तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रही है।अब मानव अधिकार आयोग के ‘आयोग मित्र’ के रूप में उनकी भूमिका का दायरा और विस्तृत होगा। किसी व्यक्ति के अधिकारों के उल्लंघन से जुड़ी समस्या सामने आने पर उसे उचित प्रक्रिया के माध्यम से आयोग तक पहुंचाने, लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और जरूरतमंदों को उचित मंच तक अपनी बात पहुंचाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।यानी जिस कलम ने वर्षों तक व्यवस्था से सवाल किए, अब उसी अनुभव को मानव अधिकारों की रक्षा के लिए एक संस्थागत मंच मिल गया है।

रीवा के आम आदमी के लिए उम्मीद की नई कड़ी

आयोग मित्र की जिम्मेदारी का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यही है कि आम नागरिक और मानव अधिकार आयोग के बीच संवाद की दूरी कम हो। कई बार दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाला व्यक्ति अपनी समस्या को उचित मंच तक पहुंचाने की प्रक्रिया से अनजान रहता है। ऐसे में जमीनी स्तर पर सक्रिय व्यक्ति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।रीवा क्षेत्र के लिए सचिन ‘सूर्या’ का चयन इसी दृष्टि से खास माना जा रहा है। पत्रकारिता के कारण उनका समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से लगातार संपर्क रहा है। ग्रामीण अंचलों से लेकर शहर तक जनसमस्याओं को करीब से देखने का उनका अनुभव इस नई जिम्मेदारी में उपयोगी साबित हो सकता है।

गोंदरी से निकली कलम अब बड़े मंच तक

रीवा जिले की मनगवां विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गोंदरी निवासी सचिन शर्मा ‘सूर्या’ ने अपनी कर्मभूमि को कभी अपनी सीमा नहीं बनने दिया। स्थानीय मुद्दों से शुरुआत कर जनहित के व्यापक विषयों तक सक्रिय रहने वाली उनकी पत्रकारिता ने उन्हें विंध्य में एक अलग पहचान दिलाई।मध्यप्रदेश शासन के अधिमान्य पत्रकार के रूप में पहचान रखने वाले सचिन ‘सूर्या’ के लिए मानव अधिकार आयोग में मिली यह जिम्मेदारी उनकी सार्वजनिक भूमिका का एक नया अध्याय है। पत्रकारिता ने उन्हें लोगों की समस्याओं तक पहुंचाया और अब आयोग मित्र का दायित्व उन्हें उन समस्याओं को मानव अधिकारों के संरक्षण से जुड़े मंच तक ले जाने का अवसर देता है।

सम्मान के साथ बढ़ी जिम्मेदारी

यह मनोनयन जितना सम्मान का विषय है, उतना ही बड़ी जवाबदेही भी लेकर आया है। मानव अधिकारों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, निष्पक्षता और तथ्यों की समझ बेहद जरूरी होती है। आयोग मित्र के रूप में सचिन शर्मा ‘सूर्या’ से यही अपेक्षा की जा रही है कि वे जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को उचित प्रक्रिया के तहत आयोग के समक्ष पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाएंगे।उनकी पत्रकारिता की लंबी पारी को देखते हुए यह जिम्मेदारी उनके लिए स्वाभाविक विस्तार के रूप में भी देखी जा रही है। जनता के बीच रहने वाला पत्रकार जब जनता के अधिकारों की आवाज के लिए एक संवैधानिक संस्था से जुड़ता है, तो उसका महत्व केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता।

सचिन ‘सूर्या’ ने किसे दिया श्रेय?

नई जिम्मेदारी मिलने के बाद सचिन शर्मा ‘सूर्या’ ने इसे अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय हनुमंतलाल की कृपा, पूर्वजों के आशीर्वाद और घर-परिवार के सहयोग से जुड़ा बताया। उन्होंने अपने सभी भाइयों, बहनों, साथियों, वरिष्ठजनों और शुभचिंतकों के स्नेह एवं आशीर्वाद की अपेक्षा व्यक्त की।उनकी यह सहज प्रतिक्रिया उनके व्यक्तित्व का एक अलग पक्ष सामने लाती है। वर्षों की पत्रकारिता के बाद मिली नई जिम्मेदारी के मौके पर भी उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनों के आशीर्वाद को दिया और आगे की यात्रा के लिए सभी के सहयोग की अपेक्षा जताई।

पत्रकारों और सामाजिक क्षेत्र में खुशी

सचिन शर्मा ‘सूर्या’ को मिली इस जिम्मेदारी पर पत्रकारों, सामाजिक संगठनों, शुभचिंतकों और क्षेत्रवासियों ने बधाई दी है। लोगों का कहना है कि जमीनी पत्रकारिता से जुड़े व्यक्ति को मानव अधिकार आयोग से जोड़ना आम नागरिकों की समस्याओं को समझने और उन्हें उचित मंच तक पहुंचाने की दिशा में सकारात्मक कदम है।बधाई देने वालों ने उम्मीद जताई कि सचिन ‘सूर्या’ अपनी नई जिम्मेदारी को निष्पक्षता, संवेदनशीलता और जनहित की भावना के साथ निभाएंगे तथा उन लोगों की आवाज बनने का प्रयास करेंगे, जिनकी बात अक्सर व्यवस्था के बड़े गलियारों तक नहीं पहुंच पाती।

एक नई शुरुआत, एक बड़ी जिम्मेदारी

सचिन शर्मा ‘सूर्या’ के लिए यह जिम्मेदारी उस यात्रा का नया पड़ाव है, जिसकी शुरुआत जनता के बीच रहकर पत्रकारिता से हुई थी। अब उनके सामने मानव अधिकारों से जुड़े मामलों में आमजन और आयोग के बीच भरोसे की कड़ी को मजबूत करने की जिम्मेदारी है।विंध्य की पत्रकारिता को यदि कलम की ताकत के लिए जाना जाता है, तो सचिन शर्मा ‘सूर्या’ का आयोग मित्र के रूप में मनोनयन उस कलम को जनअधिकारों की एक नई जिम्मेदारी मिलने जैसा है।उनके समर्थकों और शुभचिंतकों के लिए यह केवल बधाई का अवसर नहीं, बल्कि इस उम्मीद का भी क्षण है कि गोंदरी से उठी यह आवाज अब रीवा के आम आदमी के अधिकारों को भोपाल स्थित मानव अधिकार आयोग के मंच तक और मजबूती से पहुंचाएगी।

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