अजमेर। वार्ड 71 के OBC वर्ग के लिए आरक्षित होने की लॉटरी ने अजमेर की स्थानीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही अब राजनीतिक दलों के भीतर संभावित प्रत्याशियों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
सबसे ज्यादा नजर बीजेपी के दो दिग्गज नेताओं धर्मेंद्र गहलोत और रमेश सोनी की ओर है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दोनों नेता वार्ड 71 से** महिला प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतार सकते हैं।** यदि ऐसा होता है तो यह मुकाबला केवल चुनावी टिकट का नहीं, बल्कि दोनों नेताओं के राजनीतिक प्रभाव, संगठनात्मक पकड़ और पुराने कार्यकर्ताओं की ताकत का भी परीक्षण बन सकता है।
धर्मेंद्र गहलोत के पास लंबा राजनीतिक अनुभव और वर्षों से तैयार संगठनात्मक आधार है, जबकि रमेश सोनी की भी अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ मानी जाती है। ऐसे में वार्ड 71 की लड़ाई बीजेपी के भीतर भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
खास बात यह है कि पुराने बीजेपी कार्यकर्ताओं की भूमिका इस पूरे समीकरण में निर्णायक हो सकती है। टिकट किसी को मिले, लेकिन जमीन पर वर्षों से संगठन के लिए काम करने वाले कार्यकर्ता किसके साथ खड़े होते हैं, यह चुनाव की दिशा बदल सकता है।
हालांकि अभी प्रत्याशियों को लेकर अंतिम तस्वीर सामने नहीं आई है। लेकिन OBC आरक्षण के बाद वार्ड 71 अब अजमेर की राजनीति का ऐसा केंद्र बन गया है, जहां आने वाले दिनों में दावेदारी, रणनीति और कार्यकर्ताओं की लामबंदी खुलकर दिखाई दे सकती है।slug
आखिरकार टिकट की रणनीति नेता तय करेंगे, लेकिन जीत का फैसला जनता करेगी।
