सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की योजना ने आर्थिक बाधाएं दूर कर प्रतिभाशाली छात्र को उच्च शिक्षा की राह पर बढ़ाया
नई दिल्ली/बेंगलुरु, 7 अगस्त। (पीआईबी)
आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित होने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए केंद्र सरकार की ‘ओबीसी विद्यार्थियों के लिए टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम’ नई उम्मीद बनकर उभर रही है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा साझा की गई एक प्रेरक सफलता की कहानी में कर्नाटक के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय से आने वाले 26 वर्षीय छात्र आकर्ष एस.पी. ने इस योजना की मदद से एमबीए की पढ़ाई का सपना साकार किया है।
कम आय वाले परिवार से आने वाले आकर्ष का लक्ष्य एक प्रतिष्ठित संस्थान से एमबीए कर कॉर्पोरेट क्षेत्र में करियर बनाना था, लेकिन उच्च शिक्षा की भारी फीस और रहने-खाने का खर्च उनके परिवार के लिए बड़ी चुनौती था। आर्थिक कठिनाइयों के साथ-साथ उन्हें सीमित करियर मार्गदर्शन और प्रोफेशनल एक्सपोजर जैसी सामाजिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में आकर्ष को ₹10.27 लाख की ट्यूशन फीस का पुनर्भुगतान (रीइंबर्समेंट) उपलब्ध कराया गया। इस सहायता से उनके परिवार पर आर्थिक बोझ कम हुआ और वे बिना किसी वित्तीय चिंता के अपनी एमबीए की पढ़ाई जारी रख सके।
मंत्रालय के अनुसार, आर्थिक सहायता मिलने के बाद आकर्ष ने अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित किया। साथ ही उन्होंने कैंपस गतिविधियों और उद्यमिता से जुड़े कार्यक्रमों में भी सक्रिय भागीदारी की, जिससे उनकी प्रबंधन क्षमता और पेशेवर कौशल का विकास हुआ।
आकर्ष एस.पी. ने योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस छात्रवृत्ति ने उनके परिवार को आर्थिक राहत दी और उन्हें पूरी तरह पढ़ाई पर ध्यान देने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि इस सहायता के कारण वे अकादमिक गतिविधियों के साथ-साथ उद्यमिता से जुड़े कार्यक्रमों में भी आत्मविश्वास के साथ भाग ले सके और अब कॉर्पोरेट जगत में कदम रखने के लिए आवश्यक ज्ञान एवं कौशल अर्जित कर रहे हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का कहना है कि ‘ओबीसी विद्यार्थियों के लिए टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम’ का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देना है। यह योजना शिक्षा के क्षेत्र में आर्थिक बाधाओं को दूर कर युवाओं को अपने सपनों को साकार करने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए सशक्त बना रही है।
