1,678 गलतियों ने खोली शिक्षा व्यवस्था की पोल, ओडिशा सरकार की बड़ी कार्रवाई; 4 वरिष्ठ अधिकारी निलंबित

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भुवनेश्वर। नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत तैयार की गई स्कूलों की पाठ्यपुस्तकों में 1,678 गंभीर त्रुटियां मिलने के बाद ओडिशा सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए SCERT (स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग) के चार वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर गठित उच्चस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई।

जांच में सामने आया कि कक्षा 1 से 8 तक की नई पाठ्यपुस्तकों में तथ्यात्मक, ऐतिहासिक, भौगोलिक, भाषा, वर्तनी और चित्रों से संबंधित कुल 1,678 गलतियां मौजूद थीं। सबसे अधिक चर्चा उस गलती की हुई जिसमें विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक सर आइजैक न्यूटन को “वैज्ञानिक” के बजाय “पायलट” बताया गया। वहीं, हम्पी के ऐतिहासिक स्मारक के चित्र को कोणार्क सूर्य मंदिर के रूप में प्रकाशित कर दिया गया। इसके अलावा कई राज्यों, ऐतिहासिक स्थलों और सांस्कृतिक तथ्यों से जुड़ी अनेक त्रुटियां भी सामने आईं।

मामला सार्वजनिक होने के बाद शिक्षकों, अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों ने इसे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बताते हुए कड़ी आलोचना की। बढ़ते विवाद के बीच मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने तत्काल उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में पाठ्यपुस्तकों की तैयारी, संपादन, प्रूफ रीडिंग और गुणवत्ता नियंत्रण में गंभीर लापरवाही पाई।

रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने चार वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, जबकि छह अन्य अधिकारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। सरकार ने जांच समिति की 14 प्रमुख सिफारिशों को भी स्वीकार कर लिया है। इनमें भविष्य में पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन से पहले बहु-स्तरीय गुणवत्ता जांच, विशेषज्ञों द्वारा तथ्य सत्यापन और स्थायी गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र (Quality Assurance Cell) स्थापित करने जैसे कदम शामिल हैं।

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि नई शिक्षा नीति के तहत तैयार की गई पुस्तकों से लाखों छात्र अध्ययन कर रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पाठ्यपुस्तकों में इस स्तर की त्रुटियां न केवल विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं, बल्कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोत

ओडिशा सरकार द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई कार्रवाई।

सौजन्य: The Indan Express की रिपोर्ट

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