नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने राजस्थान से पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया और डॉ. अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाया है, जबकि मध्य प्रदेश से राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल को मैदान में उतारा गया है। भाजपा की इस सूची को संगठनात्मक संतुलन, सामाजिक समीकरण और आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजस्थान की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे सतीश पूनिया को राज्यसभा भेजने का फैसला पार्टी नेतृत्व के उनके प्रति भरोसे को दर्शाता है। विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद पूनिया को हरियाणा जैसे महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जहां संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका चर्चा में रही। अब उनकी राज्यसभा में एंट्री लगभग तय मानी जा रही है।
वहीं, मध्य प्रदेश से भाजपा ने एक रणनीतिक कदम उठाते हुए राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को उम्मीदवार बनाया है। संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले चुघ को पार्टी नेतृत्व का भरोसेमंद चेहरा माना जाता है। उनके साथ रजनीश अग्रवाल को भी टिकट दिया गया है।
भाजपा की सूची में एक और बड़ा राजनीतिक संकेत यह है कि वर्तमान केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन को इस बार राज्यसभा उम्मीदवार नहीं बनाया गया। दोनों नेताओं का कार्यकाल इसी महीने समाप्त हो रहा है। इससे केंद्र सरकार और संगठन में संभावित फेरबदल की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
राजस्थान के अलावा भाजपा ने गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और ओडिशा के लिए भी उम्मीदवारों की घोषणा की है। ओडिशा से हाल ही में भाजपा में शामिल हुए देबाशीष सामंतराय को उम्मीदवार बनाया गया है।
राजनीतिक मायने
राजस्थान में सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को टिकट देकर भाजपा ने जाट और गुर्जर समाज को स्पष्ट राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया है। वहीं संगठन के पुराने और सक्रिय नेताओं को सम्मान देकर पार्टी ने यह भी संकेत दिया है कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
