NGT बैन की धज्जियां उड़ाता अवैध खनन: मेघालय में ब्लास्ट, असम के 16 मजदूरों की मौत

Spread the love

नई दिल्ली । (एजेंसी)मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के थांगस्कू क्षेत्र में गुरुवार को हुए विस्फोट ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश काग़ज़ों तक ही सीमित हैं। प्रतिबंध के बावजूद चल रही एक अवैध रैट-होल कोयला खदान में हुए धमाके में असम के 16 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य अब भी घायल या खदान में फंसे बताए जा रहे हैं। यह हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की खुली नाकामी है।

पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने स्वयं स्वीकार किया है कि खदान अवैध प्रतीत होती है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब खनन अवैध था तो वह चल कैसे रहा था? क्या स्थानीय प्रशासन, खनन विभाग और पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी, या फिर सब कुछ जानबूझकर नजरअंदाज किया गया? विस्फोट के कारणों की जांच की बात कही जा रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि रैट-होल खनन खुद एक चलता-फिरता मौत का कुआं है।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने वर्ष 2014 में मेघालय में रैट-होल कोयला खनन पर पर्यावरणीय विनाश और श्रमिकों की जान को खतरे में डालने के कारण पूर्ण प्रतिबंध लगाया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी केवल वैज्ञानिक और नियंत्रित खनन की शर्तों के साथ ही अनुमति दी थी। इसके बावजूद वर्षों से अवैध खदानें बेरोकटोक चल रही हैं और गरीब मजदूरों को मौत के मुंह में धकेला जा रहा है।

यह विस्फोट सिर्फ 16 मजदूरों की जान नहीं ले गया, बल्कि व्यवस्था के उस चेहरे को भी उजागर करता है, जिसमें अवैध खनन माफिया फल-फूल रहे हैं और जवाबदेही शून्य है। सवाल यह नहीं कि विस्फोट क्यों हुआ, सवाल यह है कि अगला विस्फोट किस जिले में और कितनी जिंदगियों को निगलने वाला है ?

प्रभा साक्षी


https://www.facebook.com/share/v/183j8SZGEV

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *