
पचामा और राजापुर में घर-घर पहुंचकर लिया नुकसान का जायजा, राहत राशि वितरण में देरी नहीं करने के निर्देश; पात्र परिवारों को आवास योजना का लाभ दिलाने पर भी जोर
रीवा। जिले के त्योंथर क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की स्थिति का जायजा लेने रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेंद्र सिंह और कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने प्रभावित गांवों का मैदानी भ्रमण किया। अधिकारियों ने पचामा और राजापुर पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से सीधे संवाद किया और उनके घरों में पहुंचकर बारिश एवं बाढ़ से हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति देखी। प्रशासनिक अधिकारियों के इस दौरे का मुख्य फोकस नुकसान के आकलन, सर्वे में तेजी और पात्र पीड़ितों तक राहत पहुंचाने पर रहा।पचामा गांव की बसोरन बस्ती में कमिश्नर और कलेक्टर कई प्रभावित परिवारों के घर पहुंचे। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं सुनीं और उन्हें हरसंभव प्रशासनिक सहायता का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने गुजरतिया बाई और हरिलाल के घर पहुंचकर भी स्थिति देखी और परिवार को सांत्वना दी। इस दौरान कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ से हुई क्षति का सर्वे केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि प्रभावित परिवारों की वास्तविक स्थिति को मौके पर जाकर दर्ज किया जाए।
पात्र परिवारों को मिलेगा आवास योजना का लाभ
बसोरन बस्ती में प्रभावित परिवारों से चर्चा के दौरान कमिश्नर ने कहा कि पात्र व्यक्तियों को आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा। उन्होंने एसडीएम को धारणाधिकार योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को पट्टे जारी करने तथा नगर पंचायत के माध्यम से आवास योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।इसके बाद अधिकारियों ने उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण भी किया। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें दो माह का खाद्यान्न और नमक उपलब्ध कराया जा रहा है। मौके पर खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।
राजापुर में छह परिवारों के पुनर्वास की कवायद
इसके बाद कमिश्नर और कलेक्टर ने टमस नदी के किनारे बसे राजापुर गांव का दौरा किया। यहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित मोहल्ले में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित तहसीलदार को बाढ़ से प्रभावित होने वाले छह घरों के निवासियों के लिए अलग स्थान पर आवासीय पट्टे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण इन परिवारों को बार-बार संकट का सामना न करना पड़े।कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने भी सर्वे दलों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति के घर जाकर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन के मापदंडों के अनुसार पात्र पीड़ितों को राहत राशि उपलब्ध कराई जाए और राहत वितरण में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
जवा में भी अतिवृष्टि से हुए नुकसान का निरीक्षण
कमिश्नर और कलेक्टर ने जवा तहसील के ग्राम भनिगवां के बजरा टोला में भी अतिवृष्टि से प्रभावित घरों का निरीक्षण किया। मौके पर एसडीएम पीयूष भट्ट ने जानकारी दी कि भनिगवां में बाढ़ का प्रकोप नहीं था, लेकिन लगातार हुई बारिश के कारण पुरानी गढ़ी की दीवार गिरने से एक मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। गांव में सर्वे पूरा हो चुका है और 31 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पाए गए हैं।कमिश्नर ने जवा एसडीएम को पूरी तहसील में बाढ़ और अतिवृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे शीघ्र पूरा कराने तथा पात्र प्रभावितों को राहत राशि वितरित कराने के निर्देश दिए।
प्रशासन का संदेश साफ—सर्वे में लापरवाही नहीं, राहत में देरी नहीं
प्रभावित क्षेत्रों के इस दौरे में कमिश्नर और कलेक्टर ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा कर राहत कार्यों और सर्वे की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों के निर्देशों से साफ है कि प्रशासन अब बाढ़ से हुए नुकसान के आंकलन को तेजी से पूरा कर पात्र परिवारों तक राहत राशि और अन्य सहायता पहुंचाने पर जोर दे रहा है।भ्रमण के दौरान एसडीएम राकेश कुमार चौरसिया, तहसीलदार राजेश तिवारी, एसडीएम पीयूष भट्ट सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
