
प्रमोशन और रिटायरमेंट से खाली होने वाले पदों का हो रहा हिसाब, मार्च 2027 तक की संभावित रिक्तियों को जोड़कर बनेगा भर्ती का नया खाका
भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हजारों युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से नई शिक्षक भर्ती और रिक्त पदों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों की उम्मीदें अब एक बार फिर मजबूत होती दिखाई दे रही हैं। प्रदेश सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग को नई भर्ती की दिशा में तैयारियां तेज करने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की समीक्षा के बाद विभागीय स्तर पर प्रदेशभर के स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों का व्यापक ब्यौरा जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।सरकार का फोकस केवल वर्तमान में खाली पड़े पदों तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में प्रमोशन और सेवानिवृत्ति के कारण रिक्त होने वाली सीटों को भी भर्ती प्रस्ताव में शामिल करने की तैयारी की जा रही है। विभाग मार्च 2027 तक रिटायर होने वाले शिक्षकों का पूरा आंकड़ा तैयार कर रहा है। इसके बाद प्रमोशन से खाली होने वाले पदों और पहले से मौजूद रिक्तियों को मिलाकर नई भर्ती का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
करीब 10 हजार पदों की संभावना, लेकिन अंतिम फैसला रिक्तियों की गणना के बाद
प्रारंभिक स्तर पर प्रदेश में लगभग 10 हजार शिक्षकों की भर्ती की संभावना जताई जा रही है। हालांकि सरकार की ओर से अभी पदों की अंतिम संख्या घोषित नहीं की गई है। अधिकारियों का मानना है कि प्रदेशभर से वास्तविक रिक्त पदों की जानकारी मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भर्ती का दायरा कितना बड़ा होगा।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों से शिक्षक प्रमोशन की प्रक्रिया और नई भर्ती को लेकर सीधा सवाल किया। मुख्यमंत्री ने पूछा कि प्रमोशन की प्रक्रिया कब तक पूरी होगी और नई भर्ती शुरू करने की स्थिति कब बनेगी। इसके बाद विभागीय मशीनरी सक्रिय हुई और प्रदेश के सभी जिलों से रिक्त पदों का विवरण जुटाने के निर्देश जारी किए गए।
लोक शिक्षण संचालनालय ने मांगा प्रदेशभर से खाली पदों का ब्यौरा
लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह के निर्देश के बाद स्कूलों और जिला स्तर पर शिक्षकों की वास्तविक स्थिति का आंकलन शुरू किया गया है। विभाग यह जानने की कोशिश कर रहा है कि किस श्रेणी और किस विषय में कितने पद खाली हैं तथा आने वाले महीनों में कितने शिक्षक सेवानिवृत्त होने वाले हैं।इस पूरी कवायद का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य यह माना जा रहा है कि नई भर्ती वास्तविक जरूरत के आधार पर की जाए और स्कूलों में लंबे समय से चल रही शिक्षकों की कमी को दूर किया जा सके।
नीलम पार्क में जारी है अभ्यर्थियों का आंदोलन
इधर राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। शिक्षक भर्ती-2025 में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे उम्मीदवार लंबे समय से सरकार के सामने अपनी आवाज उठा रहे हैं।विशेष रूप से वर्ग-2 माध्यमिक शिक्षक और वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग तेज रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में पद खाली हैं, इसलिए भर्ती प्रक्रिया में अधिक से अधिक रिक्तियों को शामिल किया जाना चाहिए।अब सरकार द्वारा नए सिरे से रिक्त पदों की गणना शुरू किए जाने के बाद आंदोलन कर रहे युवाओं की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
90 हजार स्कूलों की व्यवस्था पर भी सरकार का फोकस
शिक्षकों की भर्ती के साथ-साथ स्कूल शिक्षा विभाग प्रदेश के जर्जर स्कूल भवनों और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी तैयारी कर रहा है। मध्य प्रदेश में करीब 90 हजार स्कूल संचालित हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भवनों की स्थिति सुधारने की आवश्यकता बताई जा रही है।जानकारी के अनुसार लगभग 700 स्कूल पूरी तरह जर्जर स्थिति में हैं, जबकि करीब 3 हजार स्कूलों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की तैयारी की जा रही है। यानी सरकार एक तरफ शिक्षकों की कमी दूर करने की योजना बना रही है तो दूसरी तरफ स्कूलों के ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी काम शुरू करने की तैयारी है।
हजारों युवाओं की नजर अब सरकार के अगले फैसले पर
नई शिक्षक भर्ती की तैयारी की खबर ने प्रदेश के हजारों बेरोजगार और शिक्षक अभ्यर्थियों में नई उम्मीद जगा दी है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल अभी भी बना हुआ है—भर्ती में आखिर कितने पद होंगे और आवेदन कब शुरू होंगे?इसका जवाब रिक्त पदों की गणना पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग नई भर्ती का प्रस्ताव तैयार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।अब प्रदेश के लाखों युवाओं की निगाह सरकार के अगले ऐलान पर टिकी है। यदि प्रस्तावित भर्ती को जल्द मंजूरी मिलती है, तो मध्य प्रदेश में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए यह आने वाले समय की सबसे बड़ी रोजगार खबर साबित हो सकती है।
