दो घंटे की मूसलाधार बारिश और शहर की व्यवस्था फिर पानी-पानी! कलेक्टर खुद उतरे सड़कों पर, जलभराव वाले इलाकों का किया निरीक्षण

Spread the love
Oplus_131072

अवैध निर्माण जहां बन रहा पानी के रास्ते की दीवार, वहां अतिक्रमण हटाने के निर्देश; रेलवे लाइन से लेकर मॉडल रोड तक जल निकासी पर प्रशासन की नजर

रीवा। महज दो घंटे की लगातार बारिश ने रीवा शहर की जल निकासी व्यवस्था की फिर परीक्षा ले ली। कई इलाकों में पानी भरने की स्थिति पैदा हुई तो प्रशासनिक अमला भी सक्रिय हो गया। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी खुद शहर के जलभराव प्रभावित वार्डों में पहुंचे और हालात का मौके पर जायजा लिया।बारिश के बीच कलेक्टर ने वार्ड क्रमांक 2, 10 और 15 का भ्रमण कर उन स्थानों को देखा जहां पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन, एसडीएम अनुराग तिवारी और तहसीलदार अनुपम पांडेय भी मौजूद रहे।

रेलवे लाइन के पास भरा पानी, प्रभावित लोगों से सीधे की बातचीत

कलेक्टर वार्ड क्रमांक 2 में रेलवे लाइन के समीप पहुंचे, जहां जलभराव की समस्या सामने आई। यहां उन्होंने प्रभावित परिवारों से चर्चा की और जल निकासी की स्थिति की जानकारी ली।कलेक्टर ने बताया कि पानी की निकासी को लेकर रेलवे को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं और संबंधित स्तर पर जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है। वहीं नगर निगम को नालियों की सफाई कर जल निकासी के लिए प्रभावी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।बारिश के दौरान शहर के भीतर जमा पानी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर हर बरसात में वही इलाके जलभराव की चपेट में क्यों आ जाते हैं और स्थायी समाधान कब होगा?

गणेश नेत्र चिकित्सालय के पास भी जलभराव, पुलियों के निर्माण की तैयारी

इसके बाद कलेक्टर का अमला वार्ड क्रमांक 15 पहुंचा। गणेश नेत्र चिकित्सालय के आसपास जलभराव की स्थिति का निरीक्षण किया गया। नगर निगम अधिकारियों ने मौके पर जानकारी दी कि मॉडल रोड से पानी की निकासी के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा चार स्थानों पर पुलियों के निर्माण की प्रक्रिया के तहत टेंडर जारी किया जा चुका है।अधिकारियों के अनुसार बारिश की तीव्रता कम होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे भविष्य में पानी के बहाव और निकासी की व्यवस्था बेहतर की जा सके।

“अवैध निर्माण जहां पानी रोके, वहां हटे अतिक्रमण”

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने साफ निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर अवैध निर्माण या अतिक्रमण जल निकासी में बाधा बन रहा है, वहां नगर निगम कार्रवाई करे और बाधाएं हटाकर पानी के स्वाभाविक रास्ते को बहाल किया जाए।यह निर्देश इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि शहर में कई स्थानों पर नालियों, प्राकृतिक जल निकासी मार्गों और पानी के बहाव वाले क्षेत्रों में निर्माण को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं।कलेक्टर ने नगर निगम अधिकारियों को स्पष्ट किया कि जलभराव की समस्या को केवल अस्थायी पंपिंग या बारिश थमने के इंतजार तक सीमित नहीं रखा जा सकता। प्रभावित क्षेत्रों में उचित जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।

जलभराव से नुकसान का सर्वे, पीड़ितों को राहत का आश्वासन

जलभराव से प्रभावित लोगों से चर्चा करते हुए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि जिन इलाकों में पानी भरने से नुकसान हुआ है, वहां सर्वे कराया जा रहा है। मौसम सामान्य होने के बाद जल निकासी के स्थायी और समुचित प्रबंधों पर काम किया जाएगा।प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को नियमों के अनुसार उचित राहत राशि उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।

अब शहर पूछ रहा है—हर बारिश के बाद निरीक्षण, लेकिन स्थायी समाधान कब?

कलेक्टर के दौरे और तत्काल निर्देशों से प्रशासनिक सक्रियता जरूर दिखाई दी, लेकिन रीवा शहर के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब भी वही है—बरसात के पानी को शहर से तेजी और सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने की मजबूत व्यवस्था।हर बार बारिश आती है, पानी भरता है, लोग परेशान होते हैं और फिर अधिकारी निरीक्षण के लिए निकलते हैं। इस बार प्रशासन ने अवैध निर्माण हटाने और जल निकासी व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं।अब नजर इस बात पर रहेगी कि निर्देश जमीन पर कितनी तेजी से उतरते हैं और रीवा के जलभराव प्रभावित इलाकों को कब तक स्थायी राहत मिलती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *