नए साल 2026 से होंगे लागू नए नियम: बैंकिंग और सोशल मीडिया पर सख्ती

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नई दिल्ली । (एजेंसी)
नववर्ष 2026 की दस्तक के साथ ही देश में बैंकिंग, डिजिटल लेन-देन और सोशल मीडिया से जुड़े नियमों में अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं। केंद्र सरकार और रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य आम नागरिक को सुरक्षित करना, डिजिटल धोखाधड़ी पर रोक लगाना और तकनीक आधारित सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाना है। इन फैसलों का सीधा असर हर उस व्यक्ति पर पड़ेगा, जो बैंकिंग सेवाओं, मोबाइल भुगतान या सोशल मीडिया का उपयोग करता है।
सबसे बड़ा बदलाव बैंकिंग क्षेत्र में देखने को मिलेगा। 1 जनवरी 2026 से RBI के नए डिजिटल बैंकिंग दिशा-निर्देश लागू होंगे। इसके तहत इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग को पहले से अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा। साइबर फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए बैंकों को अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाने होंगे और ग्राहकों की शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करना होगा। सरकार का मानना है कि इससे आम खाताधारक का भरोसा बैंकिंग प्रणाली में मजबूत होगा।
लोन और क्रेडिट कार्ड उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर यह है कि अब क्रेडिट स्कोर हर सप्ताह अपडेट किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं की वित्तीय स्थिति का सही आकलन होगा और पुराने या गलत रिकॉर्ड के कारण होने वाली परेशानियां कम होंगी। इसके साथ ही सरकार ने PAN और Aadhaar लिंक को अनिवार्य कर दिया है। लिंक नहीं होने की स्थिति में बैंकिंग सेवाओं, टैक्स रिफंड और कई सरकारी सुविधाओं में बाधा आ सकती है।
डिजिटल भुगतान को लेकर भी नियम सख्त किए जा रहे हैं। UPI और अन्य ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को सुरक्षित बनाने के लिए तकनीकी बदलाव किए जाएंगे, ताकि आम जनता साइबर ठगी से बच सके। सरकार लगातार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की नीति पर काम कर रही है।
सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म को लेकर भी सरकार ने स्पष्ट रुख अपनाया है। डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन कानून के तहत अब सोशल मीडिया कंपनियों को उपयोगकर्ताओं के निजी डेटा की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी उठानी होगी। बिना अनुमति डेटा के दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। खासतौर पर 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के डिजिटल डेटा को लेकर अलग और सख्त नियम लागू किए गए हैं।
हाल के दिनों में सोशल मीडिया निगरानी को लेकर फैली अफवाहों पर भी सरकार ने विराम लगाया है। केंद्र का कहना है कि आम नागरिकों के सोशल मीडिया अकाउंट की मनमानी जांच नहीं होगी। केवल गंभीर मामलों में, वह भी कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई संभव है।
कुल मिलाकर नए साल में लागू हो रहे ये नियम डिजिटल युग में आम आदमी की सुरक्षा और अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं। हालांकि, जनता के लिए जरूरी है कि वह इन बदलावों को समझे, जागरूक रहे और अफवाहों से दूर रहकर केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करे।

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