नईदिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 में युवाओं को संबोधित करते हुए एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि भारत के भविष्य की धुरी उसकी युवा शक्ति है। अपने संबोधन की झलकियाँ साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 11 वर्षों में देश के हर क्षेत्र में संभावनाओं के नए द्वार खुले हैं और इसमें कंटेंट, क्रिएटिविटी और टेक्नोलॉजी का विशेष योगदान रहा है।
प्रधानमंत्री ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक नवाचार से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि आज के युवा रामायण और महाभारत जैसी कालजयी कथाओं को गेमिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ सकते हैं। उनका यह कथन कि “हनुमान जी पूरी दुनिया की गेमिंग इंडस्ट्री को चला सकते हैं”, भारत की सांस्कृतिक शक्ति और वैश्विक प्रभाव की ओर संकेत करता है। यह संदेश स्पष्ट करता है कि भारतीय परंपराएँ केवल अतीत नहीं, बल्कि भविष्य की प्रेरणा भी बन सकती हैं।
प्रधानमंत्री ने सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों को “रिफॉर्म एक्सप्रेस” की संज्ञा देते हुए कहा कि नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स अब तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं और इसके केंद्र में युवा हैं। स्टार्टअप, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और स्किल डेवलपमेंट जैसे प्रयासों ने युवाओं को अवसर और आत्मविश्वास दोनों दिए हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी विरासत, अपने विचारों और अपनी पहचान पर गर्व करना चाहिए। इस संदर्भ में उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन का उल्लेख करते हुए युवाओं को आत्मगौरव और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया।
विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 केवल एक संवाद नहीं, बल्कि आने वाले भारत की रूपरेखा है, जहाँ युवा नवाचार, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के वाहक बनकर देश को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे ।
