खाड़ी युद्ध की आहट पहुंची भारत ,गैस संकट इशारा है या शुरुआत?

कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी ने दी चेतावनी—यदि खाड़ी देशों का युद्ध लंबा चला तो भारत की रसोई से लेकर…

खबरों से आगे जनहित की पत्रकारिता: नारायण बारेठ का जीवन एक मिसाल

संपादकीय: देवेंद्र सक्सैना राजस्थान और देश की पत्रकारिता ने एक ऐसी आवाज़ खो दी है जिसने लगभग चार दशकों तक…

कलेक्टर : सत्ता का केंद्र या जवाबदेही का अंतिम बिंदु?

संपादकीय – देवेंद्र सक्सैना जिला कलेक्टर भारतीय प्रशासनिक ढांचे का वह चेहरा है, जिसे आमजन “सरकार” के रूप में पहचानता…

सिस्टम पर चढ़ी जंग और जनता का सब्र: अब जवाबदेही तय किए बिना बदलाव संभव नहीं

“ईश्वर के घर देर है, अंधेर नहीं”—हमने यह कहावत केवल सुनी नहीं, बल्कि समय-समय पर व्यवस्था में बैठे उन लोगों…