बंगाल मतगणना विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने TMC की याचिका निस्तारित की, ECI निर्देशों के सख्त पालन के आदेश

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना प्रक्रिया में केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति को चुनौती देने वाली तृणमूल कांग्रेस (AITC) की याचिका का निस्तारण करते हुए कहा कि अब किसी अतिरिक्त आदेश की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के 13 अप्रैल 2026 के सर्कुलर का अक्षरशः और उसकी भावना के अनुरूप पालन किया जाएगा।
जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की विशेष पीठ ने यह आदेश तत्काल सुनवाई के बाद पारित किया। मतगणना 4 मई को सुबह 8 बजे शुरू होनी है, जिसके मद्देनज़र शनिवार को ही विशेष पीठ का गठन किया गया था।
सुनवाई के दौरान AITC की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने चार प्रमुख आपत्तियां उठाईं। उन्होंने कहा कि सर्कुलर 13 अप्रैल को जारी हुआ, लेकिन इसकी जानकारी 29 अप्रैल को मिली। साथ ही, केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति से अनियमितताओं की आशंका जताई गई, जबकि पहले से ही प्रत्येक टेबल पर माइक्रो ऑब्जर्वर मौजूद हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सर्कुलर में राज्य सरकार के प्रतिनिधि का प्रावधान होने के बावजूद उसकी नियुक्ति नहीं की गई।
इस पर पीठ ने टिप्पणी की कि नियमों के तहत काउंटिंग सुपरवाइज़र और सहायक के रूप में केंद्र या राज्य—किसी भी पक्ष के कर्मचारियों की नियुक्ति की जा सकती है। इसलिए इस व्यवस्था को अवैध नहीं ठहराया जा सकता।
ECI की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दामा शेषाद्रि नायडू ने दलील दी कि रिटर्निंग ऑफिसर के पास पर्याप्त अधिकार होते हैं और प्रत्येक उम्मीदवार के अपने काउंटिंग एजेंट भी मौजूद रहेंगे, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।
अंततः अदालत ने कहा कि किसी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाए कि सर्कुलर का पूर्ण रूप से पालन हो, जिसमें राज्य सरकार के प्रतिनिधि की भागीदारी का प्रावधान भी शामिल है।
इसी के साथ ‘All India Trinamool Congress बनाम Election Commission of India’ मामले में दायर याचिका का निस्तारण कर दिया गया।

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