अजमेर, 13 जनवरी।
अजमेर को खेल और आयोजनों के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात देने वाले राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने मंगलवार को पृथ्वीराज नगर के पास 35 हजार दर्शक क्षमता वाले मल्टीपर्पज स्टेडियम का शिलान्यास किया। 12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह स्टेडियम छह महीने में पूरा बन जाएगा । यहां खेल आयोजनों के साथ-साथ धार्मिक, राजनीतिक, सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।
शिलान्यास कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2026 अजमेर के लिए विकास का वर्ष साबित होगा। उन्होंने 270 करोड़ की पेयजल परियोजना, 147 करोड़ की गैस आधारित जीएसएस, माकड़वाली में कन्वेंशन सेंटर, बहुमंजिला लाइब्रेरी, वरुण सागर झील के विकास, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, साइंस पार्क और पर्यटन परियोजनाओं की घोषणाएं गिनाईं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ये योजनाएं शहर की बुनियादी समस्याओं का स्थायी समाधान करेंगी।
हालांकि, इन दावों के बीच स्थानीय निवासियों और जागरूक नागरिकों के मन में कई सवाल भी उठ खड़े हुए हैं। पृथ्वीराज नगर क्षेत्र के एक निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि “200 गज का एक मकान बनने में छह महीने से ज्यादा समय लग जाता है, ऐसे में 35 हजार दर्शक क्षमता वाला स्टेडियम छह महीने में बनना कैसे संभव है?” उनका कहना है कि निगम चुनाव से अजमेर की जनता को सिर्फ लुभावने सपने दिखाए जा रहे हैं ।
वहीं जानकारों का कहना है कि जल्दबाजी में कार्य की गुणवत्ता और फिनिशिंग वर्क ,एलिवेटेड रोड और सेवन वंडर ,जैसी परियोजनाओं की तरह भ्रष्टाचार की भेंट न चढ़े इसके लिए जनता को भी जागरूक रहना चाहिए । उदाहरण देते हुए बताया कि जल्द उद्घाटन और अधूरे कामों का खामियाजा पहले भी अजमेर की जनता भुगत चुकी है। मल्टीपर्पज स्टेडियम को खेल के बजाय अन्य आयोजनों के लिए उपयोग में लेने की घोषणा भी काफी चर्चा में रही । लोगों का मानना है कि इसका हाल भी पटेल मैदान जैसा न हो जाए, जहां खेल गतिविधियां पीछे छूट गईं।
सबसे बड़ा सवाल पारदर्शिता को लेकर है। पिछले महीनों में जिन परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ, उनमें से कितनी वास्तव में पूरी हुईं, उनकी सोशल ऑडिट रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं की गई। यह स्थिति यह संकेत देती है कि आने वाले नगर निगम चुनावों से पहले विकास के लुभावने सपने दिखाकर वही पुराने चेहरे जनता के सामने पेश किए जाएंगे, जिन्होंने अब तक जनसमस्याओं पर सवाल उठाने के बजाय सत्ता के साथ कदमताल किया।
अब देखना यह है कि मल्टीपर्पज स्टेडियम वास्तव में समय और गुणवत्ता की कसौटी पर खरा उतरता है या यह भी चुनावी वादों की फेहरिस्त में एक और नाम बनकर रह जाता है।
