!! माँ महागौरी !!
नवरात्रि के दौरान देवी महागौरी की पूजा का आठवां दिन
नाम — महागौरी
मनपसंद फूल — रात की रानी
अर्थ — सफेद रंग वाली माँ
आठवां दिन या अष्टमी देवी महागौरी को समर्पित होता है मानता है कि उनके कृपा से अलौकिक सिद्धियां भी प्राप्त होती है और सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और देवी को हरी साड़ी पहने दिखाते हैं इस दिन श्रद्धालु गण गुलाबी रंग के कपड़े पहनते हैं और देवी को नारियल चढ़ाते हैं।
मंत्र —
ॐ देवी महागौर्यै नमः॥
प्रार्थना —
श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा॥
स्तुति —
ॐ या देवी सर्वभूतेषु माँ गौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
ध्यान —
वन्दे वाञ्छित कामार्थे चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
सिंहारूढा चतुर्भुजा महागौरी यशस्विनीम्॥
पूर्णन्दु निभाम् गौरी सोमचक्रस्थिताम् अष्टमम् महागौरी त्रिनेत्राम्।
वराभीतिकरां त्रिशूल डमरूधरां महागौरी भजेम्॥
पटाम्बर परिधानां मृदुहास्या नानालङ्कार भूषिताम्।
मंजीर, हार, केयूर, किङ्किणी रत्नकुण्डल मण्डिताम्॥
प्रफुल्ल वन्दना पल्लवाधरां कान्त कपोलाम् त्रैलोक्य मोहनम्।
कामनीयां लावण्यां मृणालां चन्दन गान्धलिप्ताम्॥
स्तोत्र —
सर्वसङ्कट हन्त्री त्वंहि धन ऐश्वर्य प्रदायनीम्।
ज्ञानदा चतुर्वेदमयी महागौरी प्रणमाभ्यहम्॥
सुख शान्तिदात्री धन धान्य प्रदायनीम्।
डमरूवाद्य प्रिया अद्या महागौरी प्रणमाम्यहम्॥
त्रैलोक्यमङ्गल त्वंहि तापत्रय हारिणीम्।
वददम् चैतन्यमयी महागौरी प्रणमाम्यहम्॥
कवच —
ऊँ कारः पातु शीर्षो मां, हीं बीजं मां, हृदयो।
क्लीं बीजम् सदापातु नभो गृहो च पादयो॥
ललाटम् कर्णो हुं बीजम् पातु महागौरी मां नेत्रम् घ्राणो।
कपोत चिबुको फट् पातु स्वाहा मां सर्ववदनो॥
आरती —
!! ॐ श्री गणेशाय नमः !!
जय महागौरी जगत की माया। जया उमा भवानी जय महामाया ।।
हरिद्वार कनखल के पासा। महागौरी तेरा वहां निवासा ।।
चंद्रकली और ममता अम्बे। जय शक्ति जय जय मां जगदंबे ।।
भीमा देवी विमला माता। कौशिकी देवी जग विख्याता ।।
हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा। महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा ।।
सती हवन कुंड में था जलाया। उसी धुएं ने रूप काली बनाया।।
बना धर्म सिंह जो सवारी में आया। तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया।।
तभी मां ने महागौरी नाम पाया। शरण आनेवाले का संकट मिटाया ।।
शनिवार को तेरी पूजा जो करता। मां बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता ।।
भक्त बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो। महागौरी मां तेरी हरदम ही जय हो ।।
