पन्ना की धरती ने फिर उगला नायाब नगीना, NMDC खदान में मिला 27.29 कैरेट का बेशकीमती हीरा

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मझगवां खदान में मिली बड़ी खोज, मशीनों से दोबारा खनन शुरू होने के बाद अब तक का सबसे बड़ा हीरा; शुरुआती अनुमान में करोड़ों की कीमत

पन्ना। देश-दुनिया में हीरों की धरती के नाम से पहचान रखने वाले पन्ना ने एक बार फिर अपनी चमक से सुर्खियां बटोरी हैं। जिले की मझगवां स्थित NMDC हीरा खदान में 27.29 कैरेट वजन का शानदार गुणवत्ता वाला हीरा मिलने से खनन क्षेत्र में खास उत्साह है। 15 सितंबर 2026 को सामने आई इस खोज को पन्ना के खनन इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना जा रहा है।मझगवां खदान में मार्च 2024 में मशीनों के जरिए दोबारा खनन गतिविधियां शुरू होने के बाद मिला यह अब तक का सबसे बड़ा और उच्च गुणवत्ता वाला हीरा बताया जा रहा है। हीरे के आकार, वजन और गुणवत्ता ने इसे हाल की खोजों में विशेष बना दिया है।

2010 के 34.37 कैरेट हीरे के बाद दूसरा बड़ा रत्न

NMDC की मझगवां खदान से मिले इस हीरे का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि वर्ष 2010 में इसी खदान से 34.37 कैरेट का हीरा प्राप्त हुआ था। उसके बाद 27.29 कैरेट का यह हीरा NMDC को पन्ना से प्राप्त दूसरा सबसे बड़ा हीरा बताया जा रहा है।इससे पहले जुलाई 2026 में मझगवां खदान से 13.16 कैरेट का हीरा मिला था। ताजा खोज वजन के लिहाज से उससे दोगुने से भी अधिक है और गुणवत्ता के स्तर पर भी इसे उल्लेखनीय माना जा रहा है।

रंग और चमक के साथ ‘S-शेप’ ने बढ़ाई खासियत

27.29 कैरेट के इस हीरे की खासियत केवल इसका वजन नहीं है। प्रारंभिक आकलन में इसके रंग, चमक और बनावट को बेहतर श्रेणी का माना जा रहा है। हीरे की विशिष्ट ‘S-शेप’ आकृति भी इसे सामान्य पत्थरों से अलग पहचान देती है।शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस हीरे की कीमत करीब 1.5 करोड़ से 2.5 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है। हालांकि वास्तविक मूल्य का निर्धारण इसकी अंतिम ग्रेडिंग और आगामी नीलामी में मिलने वाली बोली के बाद ही हो सकेगा। कुछ प्रारंभिक आकलन इसकी कीमत करीब 1.5 से 2 करोड़ रुपये के आसपास मान रहे हैं।

अंतिम कीमत नीलामी में तय होगी

हीरे की वास्तविक बाजार कीमत उसकी गुणवत्ता, रंग, कट, पारदर्शिता और अन्य तकनीकी मानकों के आधार पर निर्धारित होती है। ऐसे में मौजूदा कीमत को अंतिम मूल्य नहीं माना जा सकता। विशेषज्ञ ग्रेडिंग के बाद इसकी वास्तविक गुणवत्ता सामने आएगी और नीलामी में प्राप्त बोली ही इसकी अंतिम कीमत तय करेगी।पन्ना की धरती से निकला यह नया हीरा एक बार फिर यह साबित करता है कि बुंदेलखंड का यह इलाका केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए ही नहीं, बल्कि धरती की गहराइयों में छिपे प्राकृतिक खजाने के लिए भी देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है।

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