सतना में बाढ़ के बीच नए निगमायुक्त ने संभाला पदभार, जलभराव से निपटना होगी सबसे बड़ी चुनौती

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2019 बैच के IAS डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा बने सतना नगर निगम आयुक्त, शहर की जल निकासी और बाढ़ प्रभावित इलाकों पर रहेगी पहली नजर

सतना। बाढ़ और जलभराव की चुनौती से जूझ रहे सतना शहर में नए नगर निगम आयुक्त ने पदभार संभाल लिया है। 2019 बैच के IAS अधिकारी डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने सोमवार को सतना नगर निगम आयुक्त का कार्यभार ग्रहण किया। उन्हें खंडवा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पद से स्थानांतरित कर सतना नगर निगम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।नए निगमायुक्त के पदभार संभालते ही उनके सामने शहर की सबसे बड़ी चुनौती जलभराव और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करना होगी। लगातार बारिश और बाढ़ जैसी परिस्थितियों ने नगर निगम की व्यवस्थाओं की परीक्षा ली है। शहर के कई इलाकों में जलभराव से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है।ऐसे में नए निगमायुक्त के सामने नालों की सफाई, जल निकासी के रास्तों को व्यवस्थित करना, बारिश के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत व्यवस्था को मजबूत करना प्राथमिकता होगी।सतना शहर में हर बारिश के दौरान जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। कई स्थानों पर सड़कों और निचले इलाकों में पानी भरने से आमजन को आवागमन में परेशानी होती है। अब शहरवासियों की निगाहें नए निगमायुक्त की कार्यशैली पर टिकी हैं कि वह इस चुनौती से निपटने के लिए कितनी तेजी से मैदान में उतरते हैं।नगर निगम के नए मुखिया के सामने केवल तात्कालिक जलभराव हटाना ही नहीं, बल्कि शहर को भविष्य में बारिश और बाढ़ की स्थिति से बचाने के लिए स्थायी व्यवस्था तैयार करना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी।सतना को नया निगमायुक्त मिल गया है, लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होगी। सवाल यह है कि क्या नई प्रशासनिक व्यवस्था शहर को जलभराव की पुरानी समस्या से राहत दिला पाएगी?

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