नई दिल्ली/ बर्लिन। जर्मनी की राजधानी बर्लिन में लगभग 21 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद श्री गणेश हिंदू मंदिर का भव्य महाकुंभाभिषेक संपन्न हो गया। इस अवसर पर भारत सहित विभिन्न देशों से आए श्रद्धालुओं और धार्मिक आचार्यों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर का अभिषेक किया गया।
करीब 17 मीटर ऊंचा यह भव्य मंदिर तमिलनाडु के महाबलीपुरम में तैयार किए गए काले ग्रेनाइट पत्थरों से निर्मित है। महाकुंभाभिषेक के दौरान मां गंगा के पावन जल सहित अन्य पवित्र जल से मंदिर का अभिषेक किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन ने जर्मनी में बसे भारतीय समुदाय के लिए वर्षों पुराने सपने को साकार कर दिया।
मंदिर निर्माण का विचार वर्ष 2005 के आसपास सामने आया था और विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं, आर्थिक सहयोग तथा निर्माण कार्यों के बाद यह परियोजना पूरी हो सकी। मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक विरासत का अंतरराष्ट्रीय प्रतीक भी बनकर उभरा है।
इस अवसर पर आयोजकों ने कहा कि यह मंदिर जर्मनी सहित पूरे यूरोप में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य करेगा। नियमित पूजा-अर्चना के साथ यहां धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा।
बर्लिन में श्री गणेश मंदिर का यह महाकुंभाभिषेक भारतीय संस्कृति के वैश्विक विस्तार और सनातन परंपरा की बढ़ती स्वीकार्यता का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जा रहा था है।
