एस.एन. मेडिकल कॉलेज:वीडियो ने खोला भ्रष्टाचार युवाओं की पसंद बने रामनाथ सिंह

Spread the love

फेसबुक वीडियो के जरिए सामने आई कथित भ्रष्टाचार की तस्वीर

आगरा।
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत करोड़ों रुपये की लागत से बने एस.एन. मेडिकल कॉलेज, आगरा के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की गुणवत्ता पर सवाल किसी राजनीतिक मंच से नहीं, बल्कि एक आम जागरूक नागरिक की ओर से उठाए गए हैं।

Ram­nath Singh Sikar… नाम के फेसबुक अकाउंट से अपलोड किए गए एक वीडियो में नव-निर्मित भवन की हालत दिखाई गई है। वीडियो में भवन के निर्माण को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं और दावा किया गया है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं है।

वीडियो में सामने आए दृश्य मुंह खोल कर चिल्ला रहे हैं कि जिस इमारत को जनता की सेहत के लिए मजबूत आधार बनना था ,उसे सिस्टम में चिपके जंग ने ही बीमार बना डाला । सवालों के घेरे में खड़ी इस इमारत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और आम लोगों के बीच रामनाथ सिंह चर्चा का विषय बन गया है।

खास बात यह है कि वीडियो पोस्ट करने वाले रामनाथ सिंह कोई राजनेता या अधिकारी नहीं हैं। वे एक साधारण नागरिक हैं, जिन्होंने मोबाइल कैमरे के जरिए अपनी बात जनता और प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया है। उनका यह कदम उस युवा पीढ़ी के लिए उदाहरण बनकर सामने आया है, जो अक्सर व्यवस्था की खामियों को देखकर भी मजबूरी में शासन,प्रशासन के सामने चुप रहते हैं ।

पत्रकारिता के जानकार मानते हैं कि इस तरह के वीडियो जनता की निगरानी व्यवस्था का हिस्सा बन सकते हैं यदि युवा /जनता जागरूकता के साथ ऐसे वीडियो शासन करने वालों तक पहुंचाए। प्रशासन के जंग ने शासन की योजनाओं को भी नुकसान पहुंचाया है । जब संस्थागत जांच में देरी होती है, तब आम नागरिक की आवाज ही भ्रष्टाचार को उजागर करने का माध्यम बनती है।

यह मामला प्रशासन के लिए भी एक संदेश है कि सरकारी योजनाओं के नाम पर हुए कार्यों की नियमित और पारदर्शी जांच अनिवार्य है। यदि आरोपों में सच्चाई है, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि जनता का भरोसा बना रहे।

युवा पीढ़ी के लिए यह घटना एक सीख है कि देश के प्रति जिम्मेदारी सिर्फ मतदान तक सीमित नहीं है। सवाल पूछना, सच सामने लाना और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना भी सशक्त राष्ट्र निर्माण का हिस्सा है। रामनाथ सिंह का यह प्रयास बताता है कि एक जागरूक नागरिक भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *