जयपुर।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जयपुर । क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी वालों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 31 दिसंबर 2025 को जयपुर और किशनगढ़ (अजमेर) में कुल 7 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई।
ईडी के अनुसार, डिजी मुद्रा कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक रवि जैन व प्रकाश चंद जैन पर लोगों को अत्यधिक मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी की। आरोपियों ने निवेशकों को अपनी फर्जी योजनाओं में फंसाने के लिए क्रिप्टो ट्रेडिंग में भारी रिटर्न का झांसा दिया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने “माय विक्ट्री क्लब (MVC)” नाम से एक मोबाइल ऐप और प्लेटफॉर्म तैयार किया, जिसके माध्यम से निवेशकों को क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने के फायदे दिखाए जाते थे । निवेशकों के मोबाइल में ऐप इंस्टॉल कर उनकी आईडी बनाई गई, जिसमें जमा की गई राशि और रोज़ाना मुनाफा केवल वर्चुअली दिखाया जाता था, जबकि वास्तव में निवेशकों को न तो पैसा निकालने दिया गया और न ही कोई वास्तविक रिटर्न मिला।
ईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि निवेशकों से जुटाई गई राशि को कंपनी के प्रमोटरों, निदेशकों, उनके परिजनों, रिश्तेदारों और एजेंटों के निजी खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। अपराध से अर्जित धन का उपयोग चल-अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार, मुख्य आरोपियों में से एक रवि जैन दुबई में रह रहा है, जिसने ठगी की रकम दुबई भेजकर वहां रियल एस्टेट और अन्य व्यवसायों में निवेश किया।
छापेमारी के दौरान ईडी ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज़, डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। इसके अलावा 11.3 लाख रुपये नकद, लगभग करोड़ों रुपये मूल्य की अचल संपत्तियां, तथा विभिन्न बैंक खातों में जमा करीब 38 लाख रुपये का भी पता लगाया गया है।
ईडी ने बताया कि मामले में आगे जांच जारी है और अन्य आरोपियों व उनकी और कहां संपत्तियां है उनका भी पता लगाया जा रहा है।
