चेन्नई / नई दिल्ली | संवाददाता विशेष रिपोर्ट
25 अक्टूबर । आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने तमिलनाडु में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। यह प्रक्रिया अगले सप्ताह से शुरू होगी। आयोग ने शनिवार को मद्रास उच्च न्यायालय को इस संबंध में औपचारिक जानकारी दी।
मुख्य चुनाव आयुक्त कार्यालय ने बताया कि इस पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूचियों में पारदर्शिता बढ़ाना और नामों में किसी भी प्रकार की त्रुटि या दोहराव को दूर करना है। आयोग ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया बिहार की तर्ज पर अन्य राज्यों में भी होगी, जहाँ इसी प्रकार का SIR चलाया जा चुका है।
पूर्व AIADMK विधायक की याचिका पर अदालत में सुनवाई
इस दौरान पूर्व एआईएडीएमके (AIADMK) विधायक बी. सत्यनारायणन द्वारा दायर याचिका पर भी उच्च न्यायालय ने सुनवाई की।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि चेन्नई के टी. नगर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 13,000 एआईएडीएमके समर्थकों के नाम मतदाता सूची से जानबूझकर हटाए गए, ताकि सत्तारूढ़ डीएमके (DMK) को राजनीतिक लाभ मिल सके।
सत्यनारायणन ने कहा कि वर्ष 1998 में इस क्षेत्र में 2,08,349 मतदाता पंजीकृत थे, जबकि 2021 तक यह संख्या केवल 36,656 बढ़कर 2,45,005 हुई, जबकि क्षेत्र की जनसंख्या इससे कहीं अधिक बढ़ चुकी है। उन्होंने इस विसंगति को गंभीर चुनावी अनियमितता बताया।
EC ने कहा- शिकायतों पर विचार होगा, पारदर्शी पुनरीक्षण सुनिश्चित करेंगे
सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने अदालत को आश्वस्त किया कि याचिकाकर्ता की शिकायतों और दस्तावेज़ों पर SIR प्रक्रिया के दौरान विचार किया जाएगा।
आयोग ने कहा कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान केंद्र-वार नामों की दोबारा जाँच की जाएगी और आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की पीठ ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वह बिहार SIR से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की प्रतियां प्रस्तुत करे। इसके बाद अगली सुनवाई अगले सप्ताह तय की गई है।बदलाव संभव, अन्य राज्यों में भी तैयारी
अन्य राज्यों में भी तैयारी
सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को निर्देश दिए हैं कि वे मतदाता सूचियों के सत्यापन और नए पंजीकरण पर विशेष ध्यान दें।
इस पुनरीक्षण के दौरान 18 वर्ष पूरे कर चुके नए मतदाताओं को सूची में जोड़ने और मृत/डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाने की प्रक्रिया पर जोर रहेगा।
आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,
“तमिलनाडु सहित सभी चुनावी राज्यों में SIR प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ेगी और आगामी विधानसभा चुनावों भी के लिए मतदाता सूचियाँ अद्यतन होंगी।”
फिलहाल याचिका के आरोपों पर अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी
यह भी स्पष्ट किया गया है कि 13,000 मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा फिलहाल याचिका का हिस्सा है, जिसे अदालत और चुनाव आयोग द्वारा अभी सत्यापित किया जाना बाकी है।
आयोग ने कहा कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों और जनता को शिकायत दर्ज कराने और सूची देखने का पूरा अवसर मिलेगा।
(लेखक: संवाददाता डेस्क | संपादन: देवेंद्र सक्सेना)
© News Portal | 25 अक्टूबर 2025

