जयपुर,10अक्टूबर । राजस्थान पुलिस ने एक सराहनीय और पारदर्शिता की ओर कदम बढ़ाते हुए राज्य के सभी पुलिस थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश जारी किए हैं। राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (SCRB) की ओर से जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि थानों के स्वागत कक्ष (रिसेप्शन एरिया) में यह सूचना स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए कि — “थाना कैमरे की नजर में है। नागरिक अधिकारों के संरक्षण के लिए आवश्यक होने पर नागरिक थाना स्तर पर सीसीटीवी फुटेज नियमानुसार प्राप्त कर सकते हैं।”
महानिरीक्षक पुलिस (स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) अजय पाल लांबा द्वारा जारी इस आदेश में जिला पुलिस अधीक्षकों और जीआरपी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी थानों में कैमरों की सक्रियता सुनिश्चित करें और नागरिकों को यह जानकारी देने के लिए डिजिटल या प्रिंट डिस्प्ले बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।
यह कदम न केवल पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता को बढ़ावा देगा, बल्कि जनता के प्रति पुलिस के जवाबदेह और सहयोगी रवैये को भी दर्शाता है। इससे नागरिकों में विश्वास बढ़ेगा कि उनकी शिकायत या पूछताछ के दौरान हर गतिविधि कैमरे की नजर में दर्ज है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था पुलिस थानों में होने वाली अनावश्यक बहसों और विवादों पर भी रोक लगाएगी तथा मानवाधिकारों की रक्षा को एक नई दिशा देगी।
राजस्थान पुलिस का यह कदम देशभर के अन्य राज्यों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण पेश करता है — जहाँ तकनीक और विश्वास दोनों मिलकर कानून व्यवस्था को और मजबूत बना रहे हैं।
यह पहल “पुलिस और जनता के बीच भरोसे के पुल” को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है ।
“ईश्वरीय वाणी”

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