कटनी पुलिस में फिर सुर्खियों का दौर: नेहा पच्चीसिया पर कार्रवाई, ख्याति मिश्रा का विवाद भी रहा चर्चाओं में

Spread the love
Oplus_131072

एक के बाद एक उठे सवालों ने कटनी पुलिस की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया, प्रशासनिक कार्रवाई से लेकर FIR और निलंबन तक पहुंचा मामला

कटनी। कटनी पुलिस से जुड़े दो अलग-अलग चर्चित प्रकरणों ने बीते समय में पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए। एक ओर तत्कालीन CSP नेहा पच्चीसिया के खिलाफ कथित अवैध वसूली, जांच में लापरवाही और जमीन के कथित दबावपूर्ण सौदे से जुड़े आरोपों पर कार्रवाई हुई, तो दूसरी ओर पूर्व CSP ख्याति मिश्रा का नाम पारिवारिक विवाद, पुलिस कार्रवाई और तत्कालीन पुलिस अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों के चलते लंबे समय तक सुर्खियों में रहा।नेहा पच्चीसिया से जुड़े प्रकरण की शुरुआत एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी की शिकायत से हुई। आरोप लगाया गया कि वाहन चेकिंग के दौरान उससे कथित तौर पर 30 हजार रुपये की मांग की गई और रकम नहीं देने की स्थिति में वाहन को थाने में खड़ा करने की बात कही गई। शिकायत के बाद मामले की जांच जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल को सौंपी गई। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस विभाग के भीतर प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई देखने को मिली।मामले में CSP के सरकारी चालक को निलंबित किया गया तथा उनके अधिकार क्षेत्र से कई थानों का प्रभार वापस लिया गया। इस कार्रवाई को लेकर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया गया, लेकिन हाईकोर्ट ने पुलिस अधीक्षक के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। इसके बाद प्रकरण ने पुलिस महकमे के भीतर की जवाबदेही और अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर चर्चा को और तेज कर दिया।इसी दौरान कुठला थाना क्षेत्र के एक हत्या प्रकरण की जांच भी सवालों के घेरे में आई। आरोप सामने आया कि निर्धारित समय सीमा में चालान प्रस्तुत नहीं किया गया और विवेचना में भी कथित अनियमितताएं रहीं। मामले की जांच शुरू हुई तथा संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए गए। यानी नेहा पच्चीसिया से जुड़ा मामला महज एक शिकायत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अलग-अलग घटनाक्रमों के चलते लगातार गंभीर होता चला गया।

जमीन सौदे ने बढ़ाई मुश्किलें

सबसे गंभीर आरोप कुठला थाना क्षेत्र की खसरा नंबर 2618/1 की जमीन को लेकर सामने आया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक जमीन की सरकारी गाइडलाइन कीमत करीब 82.86 लाख रुपये से अधिक बताई गई, जबकि आरोप है कि पुलिस के कथित दबाव के चलते जमीन की रजिस्ट्री लगभग 18.20 लाख रुपये में कराई गई।इसी मामले में CSP नेहा पच्चीसिया सहित तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की बात सामने आई। FIR और जांच से जुड़े तथ्यों के बाद मामला शासन स्तर तक पहुंचा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा पुलिस महानिदेशक को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बाद नेहा पच्चीसिया के निलंबन की कार्रवाई सामने आई।हालांकि इन मामलों में लगाए गए आरोपों का अंतिम न्यायिक निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया से ही तय होगा, लेकिन घटनाक्रम ने कटनी पुलिस की कार्यप्रणाली पर बहस जरूर छेड़ दी है।

ख्याति मिश्रा प्रकरण ने भी कटनी पुलिस को किया था सुर्खियों में

नेहा पच्चीसिया से पहले कटनी की तत्कालीन CSP ख्याति मिश्रा भी वर्ष 2025 में एक बेहद चर्चित विवाद के चलते सुर्खियों में आई थीं। यह मामला पुलिस अधिकारी और तहसीलदार पति के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद से जुड़ा था, जिसने बाद में पुलिस कार्रवाई और वरिष्ठ अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों का रूप ले लिया।उस समय ख्याति मिश्रा कटनी में CSP थीं, जबकि उनके पति शैलेंद्र बिहारी शर्मा दमोह जिले में तहसीलदार पद पर पदस्थ थे। दोनों के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद के बीच मई 2025 के अंतिम दिनों में शैलेंद्र शर्मा अपने बेटे और परिजनों के साथ ख्याति मिश्रा के सरकारी आवास पहुंचे थे। इसके बाद वहां पुलिस पहुंचने से घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया।शैलेंद्र शर्मा की ओर से आरोप लगाया गया कि उनके परिजनों को पुलिस वाहन से महिला थाने ले जाया गया और उनके साथ कथित मारपीट की गई। उन्होंने तत्कालीन कटनी पुलिस अधीक्षक अभिजीत रंजन पर भी गंभीर आरोप लगाए और अपने वैवाहिक विवाद के लिए पुलिस हस्तक्षेप को जिम्मेदार बताया।दूसरी तरफ ख्याति मिश्रा ने अपने पति पर प्रताड़ना के आरोप लगाए और अपना पक्ष रखा। इस प्रकार पूरा प्रकरण एकतरफा नहीं बल्कि दोनों पक्षों के परस्पर आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ स्तर पर जांच की प्रक्रिया भी शुरू हुई।इसी विवाद की रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों के साथ कथित अभद्रता का मामला भी सामने आया। घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर AJAK DSP प्रभात शुक्ला और महिला थाना प्रभारी मंजू शर्मा को हटाने/जबलपुर रेंज DIG कार्यालय से अटैच करने की कार्रवाई की गई। बाद में ख्याति मिश्रा का स्थानांतरण अमरपाटन, मैहर में SDOP के पद पर किया गया।

दो मामले, दो दौर और पुलिस महकमे पर एक ही सवाल

कटनी में CSP स्तर के अधिकारियों से जुड़े इन दोनों अलग-अलग घटनाक्रमों ने एक महत्वपूर्ण सवाल जरूर खड़ा किया है—क्या पुलिस व्यवस्था में पद और अधिकार के साथ जवाबदेही की व्यवस्था भी उतनी ही मजबूत है?एक मामले में कथित वसूली से शुरू हुआ घटनाक्रम FIR और निलंबन तक पहुंचा, तो दूसरे मामले में पारिवारिक विवाद ने पुलिस कार्रवाई, वरिष्ठ अधिकारियों पर आरोप और पत्रकारों से कथित अभद्रता तक का रूप ले लिया। दोनों प्रकरणों की परिस्थितियां अलग थीं, लेकिन दोनों ने कटनी पुलिस की कार्यशैली को सार्वजनिक बहस के केंद्र में ला दिया।अब सवाल सिर्फ कार्रवाई का नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का है जिसमें पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठने वाले गंभीर सवालों की निष्पक्ष जांच कितनी प्रभावी और पारदर्शी होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *