अजमेर । तीर्थनगरी पुष्कर सोमवार को पूरी तरह भक्ति और आस्था के रंग में रंगी नजर आई, जहां बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की बहुप्रतीक्षित हनुमंत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। नया मेला मैदान में आयोजित कथा में राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। प्रशासनिक अनुमान के अनुसार पहले दिन करीब 40 से 50 हजार श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही।
कथा प्रारंभ होते ही पूरा पंडाल “जय श्रीराम” और “बागेश्वर धाम सरकार” के जयकारों से गूंज उठा। अपने प्रवचन में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान हनुमान की अटूट भक्ति और प्रभु श्रीराम के प्रति समर्पण का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास से जीवन के बड़े से बड़े संकट दूर हो सकते हैं। बाबा ने परिवार, संस्कार और सनातन धर्म के संरक्षण का संदेश भी दिया, जिसे श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ सुना।
कथा के दौरान भजन संध्या में माहौल भक्तिमय हो गया। भक्ति गीतों पर महिलाएं, युवा और बुजुर्ग श्रद्धालु झूमते और नृत्य करते नजर आए। वहीं जय श्रीराम के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा ।
व्यवस्था की बात करें तो सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा तथा पानी, चिकित्सा और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की गई। हालांकि भारी भीड़ के कारण लंबी पैदल आवाजाही से श्रद्धालुओं को परेशानी भी उठानी पड़ी। वहीं कलश यात्रा के दौरान चेन चोरी की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी खड़े किए।
कुल मिलाकर हनुमंत कथा के पहले दिन पुष्कर में आस्था, उत्साह और विशाल जनसमूह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
दिव्य दरबार रहेगा आकर्षण का केंद्र
कल शाम कथा के बाद बाबा का प्रसिद्ध दिव्य दरबार भी लगाए जाने की संभावना है, जहां श्रद्धालु अपनी समस्याओं और मनोकामनाओं को लेकर पहुंचेंगे। यही कार्यक्रम सबसे अधिक भीड़ आकर्षित करता है, इसलिए प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी की है।
