जैकब कॉक्सन का दावा—AI की तेज रफ्तार दशक के अंत तक मानवता के सामने खड़ा कर सकती है अस्तित्व का बड़ा संकट; सुपरइंटेलिजेंट सिस्टम को लेकर जताई गंभीर आशंका
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर दुनिया में चल रही बहस के बीच Anthropic के 27 वर्षीय AI रिसर्चर जैकब कॉक्सन के इस्तीफे ने चिंता बढ़ा दी है। कंपनी छोड़ने के बाद कॉक्सन ने X पर लगातार कई पोस्ट कर AI के भविष्य को लेकर गंभीर चेतावनी दी। उनका कहना है कि AI की क्षमता को कम आंकना बड़ी भूल साबित हो सकती है।कॉक्सन के मुताबिक, AI विकसित करने वाले क्षेत्र में काम कर रहे कई लोग निजी तौर पर यह आशंका रखते हैं कि इस दशक के अंत तक अत्यधिक सक्षम AI मानवता के लिए अस्तित्वगत खतरा पैदा कर सकता है। हालांकि, इसे 2030 तक इंसानों के निश्चित रूप से खत्म हो जाने की भविष्यवाणी के तौर पर देखना सही नहीं होगा।कॉक्सन ने बताया कि उन्होंने OpenAI और Anthropic में करीब तीन वर्षों तक AI मॉडलों की प्री-ट्रेनिंग पर काम किया है। उनका कहना है कि AI कंपनियां ऐसे सिस्टम विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं जो अपनी क्षमताओं में लगातार सुधार करने में सक्षम हो सकते हैं।उनकी सबसे बड़ी चिंता भविष्य के उन ‘सुपरह्यूमन’ AI सिस्टम को लेकर है जो साइबर सिस्टम में सेंध लगाने, वैज्ञानिक अनुसंधान को बेहद तेजी से आगे बढ़ाने और महत्वपूर्ण डिजिटल संसाधनों को प्रभावित करने जैसी क्षमताएं हासिल कर सकते हैं। यदि ऐसे सिस्टम को व्यापक स्वायत्तता और संसाधनों तक पहुंच मिल गई तो इंसानी नियंत्रण एक बड़ी चुनौती बन सकता है।कॉक्सन का कहना है कि AI की मौजूदा क्षमताओं को देखकर भविष्य के सिस्टम की शक्ति का अंदाजा लगाना खतरनाक हो सकता है। तकनीक जिस तेजी से विकसित हो रही है, उसमें आने वाले वर्षों में AI की भूमिका केवल डिजिटल सहायक तक सीमित रहने की संभावना नहीं है।
AI की दौड़ में सबसे बड़ा सवाल
AI की विकास गति ने दुनिया के सामने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है—क्या तकनीक की रफ्तार के साथ उसकी सुरक्षा व्यवस्था भी उतनी ही तेजी से मजबूत हो रही है?एक ओर AI को विज्ञान, चिकित्सा, शिक्षा और अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली तकनीक माना जा रहा है। दूसरी ओर अत्यधिक शक्तिशाली और स्वायत्त AI सिस्टम को लेकर विशेषज्ञ लगातार सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं।जैकब कॉक्सन का इस्तीफा इसी बहस को और धार देता है। AI कितना शक्तिशाली होगा, यह सवाल जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं ज्यादा अहम सवाल यह है कि जब AI इंसानी क्षमताओं से आगे निकलने लगेगा, तब उसकी शक्ति पर नियंत्रण किसके हाथ में होगा।
