जयपुर: जयपुर के रामपुरा (कंवरपुरा) में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका और उनकी टीम पर हुए कथित हमले के बाद प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है। पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने राज्य सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि तय समयसीमा में कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जयपुर कूच कर बड़ा आंदोलन करेंगे।
विवाद की जड़: तबेले में चलता सरकारी स्कूल यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब CJP की टीम रामपुरा स्थित एक सरकारी विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंची थी। आरोप है कि विद्यालय भवन जर्जर होने के कारण बच्चों की कक्षाएं पास ही एक तबेले/बाड़े में संचालित की जा रही थीं। जैसे ही टीम ने इसका वीडियो बनाना और निरीक्षण करना शुरू किया, स्थानीय स्तर पर भारी विरोध भड़क गया। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और टीम की गाड़ियों पर पथराव व कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई।
प्रशासनिक स्तर पर असहजता इस घटनाक्रम ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी है:
- शिक्षा के बुनियादी ढांचे पर सवाल: सोशल मीडिया पर तबेले में पढ़ाई करते बच्चों के दृश्य वायरल होने से सरकारी दावों की पोल खुलती नजर आ रही है।
- कानून-व्यवस्था पर आंच: दिनदहाड़े एक राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों पर हमले और गाड़ियों में तोड़फोड़ की घटना ने पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
- निरीक्षण पर रोक को लेकर विवाद: घटना के बाद स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश व वीडियोग्राफी पर रोक लगाने के प्रशासनिक निर्देशों की तीखी आलोचना हो रही है। इसे सच दबाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
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ग्रामीणों और प्रशासन का पक्ष दूसरी ओर, स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन का तर्क है कि विद्यालय के नए भवन के लिए बजट पहले ही स्वीकृत हो चुका है। ग्रामीणों का कहना था कि बाहरी लोगों द्वारा विद्यालय का राजनीतिकरण किया जा रहा था, जिसके चलते विरोध की स्थिति बनी।
फिलहाल, 48 घंटे के अल्टीमेटम के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है और मामले की जांच जारी है।
