“नशा नहीं, राष्ट्र निर्माण का संकल्प लें युवा”प्रधानमंत्री मोदी

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नशा मुक्त युवा के लिए विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ, 100 सप्ताह तक चलेगा राष्ट्रीय जनआंदोलन

नई दिल्ली, 2 अगस्त।(पीईबी)प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘नशा मुक्त युवा के लिए विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ करते हुए देश के युवाओं का आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहकर विकसित भारत के निर्माण में अपनी ऊर्जा लगाएं। उन्होंने कहा कि “नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि उसके सपनों, परिवार, समाज और राष्ट्र की शक्ति को भी कमजोर कर देता है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश का युवा तन और मन से स्वस्थ, आत्मविश्वासी और नशामुक्त होगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान से देशभर के 28 हजार से अधिक स्थानों से एक करोड़ से ज्यादा युवा जुड़े हैं और अगले 100 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार को कला, खेल, योग, ध्यान, संस्कृति और सेवा से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से नशा मुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी से शुरू हुआ यह अभियान अब राष्ट्रीय जनआंदोलन का रूप ले चुका है। इसमें 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठन, अनेक सामाजिक संस्थाएं और स्वयंसेवी संगठन सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि हर संगठन एक-एक सप्ताह की जिम्मेदारी लेकर अभियान चलाए, तो पूरे देश में नशे के खिलाफ अभूतपूर्व जागरूकता पैदा की जा सकती है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने युवाओं को चेताते हुए कहा कि “ड्रग्स कुछ समय के लिए हाई देता है, लेकिन जीवन, करियर और परिवार को हमेशा के लिए लो कर देता है।” उन्होंने कहा कि नशे की गिरफ्त में आने वाला केवल एक युवक नहीं हारता, बल्कि उसके साथ एक परिवार और एक सपना भी टूट जाता है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत के खिलाफ साजिश रचने वाली ताकतें युवाओं को ड्रग्स के जाल में फंसाकर देश को कमजोर करने का प्रयास करती हैं। इसलिए नशे के कारोबारियों और तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पिछले वर्षों की तुलना में कई गुना अधिक गिरफ्तारियां की हैं और हजारों करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए हैं।

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उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों और समाज से भी अपील की कि यदि कोई युवा नशे की गिरफ्त में आ जाए तो उसे छिपाने के बजाय समय पर चिकित्सा, परामर्श और पुनर्वास की सहायता दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि “जो युवा नशे को हराकर वापस सामान्य जीवन में लौटता है, वही असली योद्धा है और समाज को उसका सम्मान करना चाहिए।”

प्रधानमंत्री ने माई भारत वॉलंटियर्स, एनएसएस के स्वयंसेवकों, संतों, आध्यात्मिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से यह अभियान घर-घर तक पहुंचेगा और भारत को नशामुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन को नशे से दूर रखकर विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएं।

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