जयपुर। राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने थानों की कमान संभाल रहे दागी पुलिस अधिकारियों को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। पुलिस मुख्यालय द्वारा सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (SP) को निर्देश जारी कर कहा गया है कि जिन उप निरीक्षक (SI) और निरीक्षक (CI) अधिकारियों के खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम — यानी 16 CCA के तहत गंभीर आरोपों वाली चार्जशीट जारी हो चुकी है, उन्हें तत्काल प्रभाव से SHO की जिम्मेदारी से मुक्त किया जाए। आदेशों की शीघ्र पालना के भी निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस विभाग की छवि सुधारने और थानों में अनुशासन व जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है। विभागीय स्तर पर ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार कर जिलों से रिपोर्ट भी मांगी गई है। जिन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार, कदाचार, गंभीर लापरवाही या अनुशासनहीनता के आरोपों में विभागीय जांच चल रही है, उन्हें थाना प्रभारी जैसे संवेदनशील पदों पर नहीं रखने का निर्णय लिया गया है।
राजस्थान में 16 CCA की चार्जशीट को गंभीर विभागीय कार्रवाई माना जाता है। राजस्थान सिविल सेवा (CCA) नियम, 1958 के नियम 16 के तहत प्रमुख दंड संबंधी विभागीय जांच की प्रक्रिया निर्धारित है।
हालांकि, इस संबंध में पुलिस मुख्यालय का विस्तृत सार्वजनिक प्रेस नोट अभी व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं दिखा है, लेकिन विभागीय आदेश और प्रशासनिक स्तर पर जारी निर्देशों की पुष्टि पुलिस महकमे के सूत्रों द्वारा की जा रही है। आदेश लागू होने के बाद कई जिलों में SHO स्तर पर फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।
क्या है 16 CCA?
राजस्थान सिविल सेवा (CCA) नियम, 1958 का नियम 16 उन मामलों में लागू होता है, जहां कर्मचारी पर गंभीर आरोप हों और उसके खिलाफ प्रमुख दंड की विभागीय जांच प्रस्तावित हो। इस प्रक्रिया में लिखित आरोप पत्र, जांच अधिकारी, साक्ष्य और विस्तृत विभागीय जांच शामिल होती है।
संभावित असर
- कई थानों में SHO बदल सकते हैं
- लंबित विभागीय जांच वाले अधिकारियों पर प्रभाव
- पुलिस विभाग में जवाबदेही बढ़ाने की कवायद
- “क्लीन इमेज” अधिकारियों को प्राथमिकता मिलने की संभावना
