AI पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर सख्त नियम, देश में डिजिटल क्रांति की शुरुआत

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नई दिल्ली। भारत में तेजी से बढ़ते कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence-AI) के उपयोग के बीच केंद्र सरकार ने AI तकनीक को लेकर ऐतिहासिक और आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिन्हें विशेषज्ञ देश की डिजिटल व्यवस्था में बड़ी क्रांति की शुरुआत मान रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी संशोधित आईटी नियमों के तहत अब AI से तैयार किए गए वीडियो, फोटो, ऑडियो या किसी भी प्रकार की डिजिटल सामग्री को स्पष्ट रूप से “AI Generated” या कृत्रिम रूप से निर्मित बताना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य Deepfake, फर्जी समाचार और डिजिटल धोखाधड़ी पर रोक लगाना है, जो हाल के वर्षों में आम नागरिकों और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनकर उभरे हैं।
सरकारी आदेश के अनुसार सोशल मीडिया कंपनियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म को अब AI आधारित भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री की शिकायत मिलने पर तय समय सीमा में उसे हटाना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित प्लेटफॉर्म और कंटेंट निर्माता दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई संभव होगी। केंद्र सरकार का स्पष्ट कहना है कि तकनीक का विकास जनता की सुरक्षा और विश्वास से समझौता कर नहीं किया जा सकता।
इसी क्रम में भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया देश को वैश्विक AI शक्ति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस मिशन के तहत शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य सेवाओं, प्रशासनिक कार्यों और स्टार्टअप क्षेत्र में AI तकनीक को व्यापक रूप से लागू किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को नई तकनीकी स्किल से जोड़ते हुए रोजगार के नए अवसर तैयार करना तथा सरकारी सेवाओं को पारदर्शी और तेज बनाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जिस प्रकार डिजिटल भुगतान प्रणाली ने भारत की अर्थव्यवस्था को नई पहचान दी, उसी प्रकार AI आधारित प्रशासन आने वाले वर्षों में शासन प्रणाली, मीडिया कार्यप्रणाली, उद्योग और रोजगार के स्वरूप को बदल सकता है। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि AI का उपयोग मानव अधिकारों, गोपनीयता और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही किया जाएगा।
तकनीकी जानकारों के अनुसार आम नागरिकों के लिए यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि भविष्य में सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली हर तस्वीर या वीडियो वास्तविक हो, यह जरूरी नहीं होगा। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा मानी जा रही है। केंद्र सरकार के नए नियमों का मुख्य उद्देश्य तकनीकी विकास के साथ-साथ नागरिकों को डिजिटल ठगी, पहचान दुरुपयोग और गलत सूचना से सुरक्षित रखना है।
स्पष्ट संकेत है कि भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि AI युग के नियम तय करने वाले देशों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा हो चुका है।

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