आज फिर वही दिन लौट आया है…वही अक्टूबर, वही शनिवार और वही अष्टमी की तिथि…

“चिराग बुझते नहीं… वे अपनी रोशनी छोड़ जाते हैं, जो अंधेरे में भी राह दिखाती रहती है।” 7 अक्टूबर 2023…