नई दिल्ली । (एजेंसी) केरल की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। राहुल गांधी ने वामपंथी गठबंधन (LDF) की 10 साल की सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य का भविष्य कुछ चुनिंदा कॉरपोरेट घरानों को सौंप दिया गया है, जबकि आम जनता—खासतौर पर मजदूर, किसान और युवा—पिछड़ते जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने यह बयान केरल से जुड़े एक राजनीतिक संवाद के दौरान दिया, जहां उन्होंने मौजूदा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि विकास का संतुलन बिगड़ चुका है। उनके मुताबिक, राज्य में रोजगार के अवसर सीमित हुए हैं और युवाओं के सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों, विशेषकर रबर उत्पादकों, को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में सरकार की प्राथमिकताएं आम जनता से हटकर बड़े उद्योगों और कॉरपोरेट्स की ओर झुक गई हैं। “अगर एक लाइन में कहना हो, तो LDF शासन ने केरल का भविष्य कुछ कंपनियों के हाथों में सौंप दिया है,” उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा।
इस दौरान राहुल गांधी ने विपक्षी गठबंधन (UDF) की योजनाओं को भी सामने रखा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार बनने पर रबर किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार किए जाएंगे। उनका कहना था कि UDF “संतुलित और समावेशी विकास” के मॉडल पर काम करेगा, जिसमें हर वर्ग को बराबर महत्व मिलेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए दिया गया है, जहां विपक्ष LDF सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है। हालांकि, LDF की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
केरल की सियासत में इस बयान ने नई बहस को जन्म दे दिया है—क्या वाकई विकास का फायदा सीमित वर्ग तक सिमट गया है, या यह केवल चुनावी बयानबाजी है? इसका जवाब आने वाले समय में जनता के फैसले से ही साफ होगा।
