✍️ खबर वन न्यूज विशेष रिपोर्ट – अजमेर
अजमेर की सड़कों पर हालात किसी से छिपे नहीं हैं। भारी बारिश और बाढ़ के चलते कई कॉलोनियां जलमग्न हो चुकी हैं, लोग अपने घरों से बेघर होकर सुरक्षित जगहों की तलाश में भटक रहे हैं।

लेकिन, तस्वीर का दूसरा पहलू यह है कि जब जनता पानी और संकट से जूझ रही है, तब स्थानीय जिम्मेदार नेता चाय की चुस्की और उद्घाटन के समारोहों में मशगूल दिखाई दे रहे हैं। यह वही सवाल है जो हर बार खड़ा होता है – आखिर जनता कब तक इस उदासीनता को सहन करेगी?
क्या नेताओं का कर्तव्य सिर्फ रिबन काटने और फोटो खिंचवाने तक सीमित रह गया है? अजमेर स्मार्ट सिटी के प्रॉजेक्ट जांच में हाल ही NGT ने निगम पर करीब 38 करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाया ।
उसके बावजूद स्थानीय नेता सफेद कुर्तों से खुद को धुला दिखा जनता के साथ खिलवाड़ करते आ रहे और जनता लाचार मजबूर होकर अपनी बर्बाद होती देख रही ?
जनता का दर्द, उजड़े घर, तबाह रोज़गार और बाढ़ से बिगड़े हालात किसी की प्राथमिकता क्यों नहीं हैं?
👉 अजमेर की जनता को अब सोचना होगा –
क्या सिर्फ जश्न और उद्घाटनों से शहर का दर्द कम होगा, या असली जिम्मेदारी निभाने का वक्त आ चुका है?
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