नई दिल्ली (एजेंसी) ढाका — बांग्लादेश की एक विशेष अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल (International Crimes Tribunal, ICT) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराते हुए मृत्यु दंड सुनाया है। यह फैसला तब आया है, जब राजनीतिक तनाव देश की राजनीति को और गहरा कर रहा है।
ट्राइब्यूनल के 453 पेज के फैसले में कहा गया है कि हसीना “समन्वयकर्ता” थीं और उन्होंने हिंसा को नियंत्रित करने के बजाय उसे बढ़ावा देने में भूमिका निभाई। अदालत ने यह भी आरोप लगाया कि हिंसा के दौरान ड्रोन, हेलीकॉप्टर और अन्य घातक हथियारों का इस्तेमाल हुआ, जिससे कथित तौर पर करीब 1,400 लोगों की मौत हुई थी।
जब सज़ा पढ़ी गई, तब कोर्टरूम में तालियों की आवाज़ उठी — खास तौर पर पीड़ितों के समर्थकों द्वारा — जबकि कई पीड़ितों के परिवार वाले भावुक हो उठे और रोने लगे।
लेकिन हसीना ने इस फैसले को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे “राजनीतिक रूप से प्रेरित” और “पक्षपातपूर्ण” बताया है। उनका तर्क है कि उन्हें उचित बचाव का अवसर नहीं मिला और यह ट्रिब्यूनल “फर्जी” है। उनकी पार्टी, अवामी लीग, कह रही है कि यह फैसला लोकतंत्र के लिए खतरा है और वह इसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चुनौती देगी।
फैसले के बाद ढाका में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है क्योंकि राजनीतिक अस्थिरता की आशंकाएं बढ़ गई हैं। विपक्ष और समर्थकों दोनों ही इस घटना को बांग्लादेश की राजनीति के एक निर्णायक मोड़ के रूप में देख रहे हैं।
यह फैसला बांग्लादेश की राजनीति में एक नया अध्याय खोल सकता है — जहां हसीना की भूमिका, देश की न्याय प्रणाली की निष्पक्षता और आगे के अंतरराष्ट्रीय कदमों के मायने बड़े सवाल खड़े करते हैं।
