राजस्थान में अपराध पर जीरो टॉलरेंस: एक पुलिस अधिकारी निलंबित, छह एपीओ, दो अतिरिक्त एसपी को पद से हटाया

कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का एक्शन; खनन और भूमि विवादों की जिलेवार सूची बनाने तथा पुलिस की जवाबदेही तय करने के निर्देश

जयपुर, एजेंसी । राजस्थान में हाल के दिनों में हुई आपराधिक घटनाओं और कुछ पुलिसकर्मियों की कथित लापरवाही एवं अमर्यादित व्यवहार को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद एक पुलिस अधिकारी को निलंबित करने, छह अधिकारियों को पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखने (एपीओ) तथा दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों को उनके वर्तमान पदों से हटाने की कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री कार्यालय की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारियों को अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू करने और लापरवाही के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों पर हुई कार्रवाई

मुख्यमंत्री कार्यालय की विज्ञप्ति और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भरतपुर जिले के वैर थानाधिकारी धीरेंद्र सिंह को निलंबित किया गया। वृत्ताधिकारी भुसावर नीरज भारद्वाज, उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) अजमेर अंजू यादव, वृत्ताधिकारी सांभर मुकेश जोशी, वृत्ताधिकारी श्रीगंगानगर विष्णु कुमार खत्री, जयपुर आयुक्तालय के पुलिस निरीक्षक मुकेश खराड़िया तथा भरतपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेरणा शेखावत को एपीओ किया गया। इसके अलावा जयपुर ग्रामीण में एसआईयूसीएडब्ल्यू से जुड़े अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बृजमोहन मीणा और खैरथल की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह को उनके वर्तमान पदों से हटाया गया।

अपराधियों और माफिया पर कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि खनन एवं भूमि विवादों की जिलेवार विस्तृत सूची तैयार की जाए और उनके समाधान के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त माफिया के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने तथा आपराधिक घटनाओं और पुलिस के आचरण से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान है और अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

त्योहारी सीजन में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर

आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को चाकचौबंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस छोटी से छोटी घटना पर भी तत्काल संज्ञान ले, ताकि समय रहते कार्रवाई करके बड़ी घटनाओं को रोका जा सके। रेंज और जिलों में कानून-व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया।

महिला सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही

महिलाओं की सुरक्षा के लिए कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स का व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने तथा स्कूलों और कॉलेजों में छात्राओं के साथ इन इकाइयों का संवाद कराने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ पुलिसकर्मियों की लापरवाही और अनुचित व्यवहार से पूरे पुलिस विभाग की छवि एवं विश्वसनीयता प्रभावित होती है। पुलिस का दायित्व अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और आम नागरिकों में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना मजबूत करना है।

बैठक में पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सावंत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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