अजमेर। नगर निगम चुनाव की सरगर्मी के बीच साइबर ठगी का खतरा भी बढ़ गया है। चुनावी माहौल में मतदाताओं, प्रत्याशियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के लिए साइबर ठग फर्जी लिंक, OTP, QR कोड, फिशिंग मैसेज और डीपफेक वीडियो का सहारा ले सकते हैं। राजस्थान पुलिस ने भी निकाय चुनावों को देखते हुए लोगों को ऐसे साइबर अपराधों से सतर्क रहने की सलाह दी है।
अजमेर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशन में साइबर अपराधों के खिलाफ कार्रवाई और जागरूकता अभियान पर जोर दिया जा रहा है। हाल ही में अजमेर के गेगल थाना पुलिस ने ‘म्यूल हंटर’ अभियान के तहत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपियों से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर पोर्टल पर नौ शिकायतें दर्ज थीं और करीब 4.73 लाख रुपये की साइबर ठगी से उनका संबंध सामने आया।
अजमेर में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हाल ही में एक व्यवसायी को ऑनलाइन प्लास्टिक स्क्रैप खरीदने के नाम पर करीब 2.35 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया। वहीं पॉलिसी रिन्यूअल के नाम पर करीब 6.50 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में अजमेर साइबर थाना पुलिस ने दिल्ली से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
चुनाव के नाम पर आने वाले लिंक से रहें सावधान
चुनाव के दौरान मतदाता सूची, वोटर कार्ड, मतदान केंद्र, उम्मीदवार की जानकारी या चुनावी सर्वे के नाम पर मोबाइल पर आने वाले किसी भी संदिग्ध लिंक को खोलने से बचें। किसी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंक विवरण, UPI PIN या अन्य संवेदनशील जानकारी न दें। संदिग्ध QR कोड स्कैन करने से भी बचें।
यदि साइबर ठगी हो जाए तो समय गंवाए बिना 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें और National Cyber Crime Reporting Portal पर भी रिपोर्ट दर्ज कराएं।
चुनावी मौसम में एक छोटी-सी डिजिटल लापरवाही आपकी मेहनत की पूरी कमाई पर भारी पड़ सकती है—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
