नई दिल्ली |मेरठ के सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों पर सख्ती करते हुए आवास एवं विकास परिषद ने बड़ा फैसला लिया है। उप आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा है कि क्षेत्र के सभी भवन मालिकों को नियमानुसार सेटबैक (खाली जगह) छोड़ना अनिवार्य होगा और किसी भी स्थिति में आवासीय भवनों में दुकान खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
परिषद द्वारा अगले दो से तीन दिनों में सेंट्रल मार्केट के लगभग 859 चिन्हित भवन मालिकों को नोटिस भेजे जाएंगे। इन नोटिसों के साथ संबंधित भवनों का साइट प्लान भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें उस हिस्से को चिन्हित किया जाएगा जिसे सेटबैक के तहत खाली करना आवश्यक है।
उप आयुक्त के अनुसार, इंडस्ट्रियल और एलआईजी श्रेणी के आवंटियों ने अपने आवासों में सेटबैक में छूट और दुकानों के संचालन सहित करीब 56 प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति का दावा किया था। हालांकि, परिषद ने जब आवंटन से जुड़ी पत्रावलियों की जांच की तो पाया गया कि इनमें कहीं भी सेटबैक में छूट या व्यावसायिक उपयोग की अनुमति का प्रावधान नहीं है।
उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप अवैध निर्माण करने वाले आवंटियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। नोटिस जारी करने के बाद संबंधित लोगों को अवैध निर्माण हटाने का मौका दिया जाएगा। यदि तय समय में अनुपालन नहीं किया गया तो परिषद स्वयं कार्रवाई करेगी।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि कुछ लोग गलत जानकारी फैलाकर भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं, लेकिन सभी आवंटियों को नियमों का पालन करना ही होगा। परिषद ने साफ कर दिया है कि आवासीय क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
