कोलंबो/नई दिल्ल(एजेंसी): श्रीलंका के पूर्वी और मध्य हिस्सों में चक्रवाती तूफान Cyclone Ditwah के प्रकोप से कम‑से‑कम 46 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य लापता हैं। तूफान के कारण भारी बारिश, भूस्खलन और चट्टानों के खिसकने की घटनाओं ने प्रभावित इलाकों में तबाही मचाई। लगभग 44,000 लोग सुरक्षित स्थानों पर ले जाए गए हैं। प्रभावित इलाकों में स्कूल बंद, रेलवे सेवाएँ रोक दी गईं और कई आर्थिक गतिविधियाँ अस्थायी रूप से प्रभावित हुईं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट (X) के माध्यम से मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायल या प्रभावित लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य व सुरक्षा की कामना की। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत तुरंत राहत सामग्री और मानवीय सहायता भेज रहा है।
भारत की तरफ से राहत सहायता Operation Sagar Bandhu के तहत श्रीलंका भेजी जा रही है। इसमें खाने‑पीने की सामग्री, त्वरित राहत पैकेज और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं। मोदी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर भारत और अधिक मदद के लिए तैयार है।
भारत और श्रीलंका के बीच के समुद्री-पड़ोसी (maritime neighbour) रिश्तों के दृष्टिगत यह राहत प्रयास “Neighbourhood First” नीति के अनुरूप किया गया है।
वहीं, श्रीलंका में राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है, क्योंकि कई भूस्खलन‑ग्रस्त और भारी बारिश वाले इलाके अभी भी असुरक्षित हैं। स्थानीय प्रशासन, सेना और राहत एजेंसियां प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुँचाने में जुटी हुई हैं।
मुख्य बिंदु:
Cyclone Ditwah ने श्रीलंका के पूर्व और मध्य हिस्सों में तबाही मचाई।
अब तक 46 मौतें और कई लापता।
भारत ने तुरंत राहत सामग्री भेजी और मदद का भरोसा दिया।
राहत अभियान जारी; प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य चल रहे।
यह तूफान मौसम विशेषज्ञों के अनुसार असामान्य रूप से तेज़ था और इसके कारण बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मदद से प्रभावित लोगों को राहत पहुँचाने का प्रयास जारी है।

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