अजमेर । अजमेर के माकड़वाली क्षेत्र में प्रस्तावित IT पार्क, जो शहर के विकास और युवाओं के रोजगार का बड़ा आधार बनने की उम्मीद के साथ लाया गया था, अब अपनी धीमी प्रगति और प्रशासनिक अनदेखी के कारण सवालों के घेरे में है। यह प्रोजेक्ट जितना कागजों में आगे बढ़ा, उतना ही जमीन पर पीछे छूटता नजर आ रहा है।
वर्ष 2023–24 में जब इस IT पार्क की घोषणा की गई, तब इसे अजमेर को डिजिटल और औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने की बड़ी पहल बताया गया। युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने की उम्मीद जगी और इसे विकास के नए दौर की शुरुआत के रूप में प्रचारित किया गया। लेकिन घोषणा के बाद लंबे समय तक यह योजना केवल फाइलों और भाषणों तक सीमित रही।
इसके बाद 2024 के अंत में माकड़वाली क्षेत्र में जमीन का आवंटन किया गया। इस चरण में उम्मीद थी कि अब निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा, लेकिन वास्तविकता में जमीन पर केवल प्रारंभिक औपचारिकताएं ही पूरी होती रहीं। नापजोख और कागजी प्रक्रिया के अलावा कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आई।
वर्ष 2025 में इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग ₹23 करोड़ से अधिक का बजट स्वीकृत किया गया। यह वह समय था जब लोगों को लगा कि अब निर्माण कार्य गति पकड़ेगा और अजमेर में IT कंपनियों के आने का रास्ता साफ होगा। हालांकि, बजट स्वीकृति के बावजूद टेंडर प्रक्रिया और प्रशासनिक देरी ने काम की रफ्तार को धीमा कर दिया। फाइलों में गतिविधियां तेज रहीं, लेकिन जमीन पर काम सीमित ही रहा।
2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में निर्माण कार्य शुरू होने की बात कही गई, लेकिन वास्तविक स्थिति यह रही कि कुछ स्थानों पर ही जमीन समतलीकरण और प्लॉटिंग जैसे शुरुआती कार्य नजर आए, जबकि अधिकांश क्षेत्र अब भी विकास की प्रतीक्षा में है। नाले जैसी तकनीकी समस्याएं भी समय रहते हल नहीं हो सकीं, जिससे प्रोजेक्ट का दायरा और गति दोनों प्रभावित हुए।
वर्तमान 2026 में स्थिति यह है कि न तो IT कंपनियों का आगमन शुरू हुआ है और न ही रोजगार के अवसर विकसित हो पाए हैं। करोड़ों रुपए के निवेश के बावजूद यह प्रोजेक्ट अभी तक अपने उद्देश्य से दूर दिखाई देता है। इस देरी के कारण जहां एक ओर आर्थिक नुकसान बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर अजमेर के युवाओं को रोजगार के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन करना पड़ रहा है।
पूरे घटनाक्रम को देखें तो यह प्रोजेक्ट अब तारीखों और घोषणाओं के बीच उलझा हुआ प्रतीत होता है। हर वर्ष एक नई उम्मीद के साथ आगे बढ़ने का दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत उस गति का समर्थन नहीं करती। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह IT पार्क भी पूर्व की कई योजनाओं की तरह अधूरा रह जाएगा, या फिर समय रहते इसे पूरा कर वास्तव में अजमेर के विकास का आधार बनाया जा सकेगा।
अजमेर के विकास और युवाओं के भविष्य के लिए यह प्रोजेक्ट अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके लिए आवश्यक है कि प्रशासन और शासन स्तर पर तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। अन्यथा यह IT पार्क भी “आने वाला प्रोजेक्ट” बनकर ही रह जाएगा, जिसका इंतजार वर्षों तक जारी रहेगा।
