असम में बूथ स्तर तक सतर्कता बढ़ाने का आह्वान
नई दिल्ली । (एजेंसी)असम विधानसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं को नई चुनौती के प्रति सचेत किया है। ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत संवाद’ कार्यक्रम के तहत नमो ऐप के जरिए कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार चुनावी माहौल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए बनाए जा रहे फर्जी वीडियो लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं की मेहनत की सराहना करते हुए भरोसा जताया कि राज्य में भाजपा-एनडीए गठबंधन को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है और पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जीत सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रियता जरूरी है। उन्होंने बूथ कार्यकर्ताओं से फीडबैक भी मांगा, ताकि चुनावी रणनीति को और मजबूत किया जा सके।
मोदी ने खासतौर पर कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे लोगों के बीच जाकर AI से जुड़े फर्जी कंटेंट के प्रति जागरूकता फैलाएं और यह सुनिश्चित करें कि भ्रामक जानकारी मतदाताओं को गुमराह न कर सके। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए उभरता हुआ गंभीर खतरा बताया।
संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्रोही और छात्र संगठनों के साथ समय रहते समझौते न करने की वजह से राज्य लंबे समय तक अशांति का शिकार रहा।
वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने भी दावा किया है कि पार्टी असम में जीत की हैट्रिक बनाने जा रही है। एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर विकास के बजाय वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि जनता अब पुराने “काले अध्याय” को याद रखते हुए भाजपा के साथ खड़ी है।
चुनावी माहौल में जहां एक ओर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो रहे हैं, वहीं AI आधारित फर्जी सूचनाओं का मुद्दा इस बार के चुनाव में नया और अहम फैक्टर बनकर उभरता दिख रहा है।
